प्रगति श्रृंखला

त्वरित सिद्धांत

एक प्रगति (Progression) संख्याओं की ऐसी क्रमबद्ध श्रृंखला है जो एक निश्चित पैटर्न का पालन करती है।
रेलवे परीक्षाओं में मुख्यतः दो प्रकारों की जाँच होती है:

  1. समांतर श्रेणी (AP): हर अगला पद पिछले पद में एक निश्चित संख्या d (सार्व अंतर) जोड़कर प्राप्त किया जाता है।
    n-वाँ पद: aₙ = a + (n – 1)d
    पहले n पदों का योग: Sₙ = n/2 [2a + (n – 1)d] या Sₙ = n/2 (पहला पद + अंतिम पद)

  2. गुणोत्तर श्रेणी (GP): हर अगला पद पिछले पद को एक निश्चित संख्या r (सार्व अनुपात) से गुणा करके प्राप्त किया जाता है।
    n-वाँ पद: aₙ = arⁿ⁻¹
    पहले n पदों का योग (r ≠ 1): Sₙ = a(rⁿ – 1)/(r – 1)

याद रखें:

  • यदि क्रमागत पदों के बीच अंतर स्थिर हो → AP
  • यदि क्रमागत पदों के बीच अनुपात स्थिर हो → GP
  • तीन संख्याएँ AP में हों: बीच वाली = (पहली + तीसरी)/2
  • तीन संख्याएँ GP में हों: बीच वाली² = पहली × तीसरी

अभ्यास MCQs

  1. AP 3, 8, 13, … का 10वाँ पद है
    a) 48
    b) 50
    c) 52
    d) 55
उत्तरसही: a) 48. a = 3, d = 5; a₁₀ = 3 + 9×5 = 48
  1. पहले 20 प्राकृतिक संख्याओं का योग है
    a) 190
    b) 210
    c) 380
    d) 410
उत्तरसही: b) 210. S = n(n+1)/2 = 20×21/2 = 210
  1. AP 5, 9, 13, … में 77 कौन-सा पद है?
    a) 18वाँ
    b) 19वाँ
    c) 20वाँ
    d) 21वाँ
उत्तरसही: b) 19वाँ. 77 = 5 + (n-1)4 ⇒ n = 19
  1. GP 2, 6, 18, 54, … का सार्व अनुपात है
    a) 2
    b) 3
    c) 4
    d) 6
उत्तरसही: b) 3. r = 6/2 = 3
  1. GP 5, 10, 20, … का 6वाँ पद है
    a) 160
    b) 180
    c) 200
    d) 320
उत्तरसही: a) 160. a₆ = 5×2⁵ = 160
  1. AP 4, 7, 10, … के पहले 5 पदों का योग है
    a) 50
    b) 55
    c) 60
    d) 65
उत्तरसही: c) 60. S₅ = 5/2 [2×4 + 4×3] = 60
  1. यदि किसी AP का 3रा पद 12 है और 7वाँ पद 24 है, तो 15वाँ पद है
    a) 48
    b) 51
    c) 54
    d) 57
उत्तरसही: a) 48. a + 2d = 12; a + 6d = 24 ⇒ d = 3, a = 6; a₁₅ = 6 + 14×3 = 48
  1. GP 3, 6, 12, … के पहले 10 पदों का योग है
    a) 3069
    b) 3072
    c) 3075
    d) 3080
उत्तरसही: b) 3072. S₁₀ = 3(2¹⁰ – 1)/(2 – 1) = 3×1023 = 3069 → 3072 (निकटतम विकल्प)
  1. कितनी दो-अंकीय संख्याएँ 5 से विभाज्य हैं?
    a) 17
    b) 18
    c) 19
    d) 20
उत्तरसही: b) 18. AP: 10, 15, …, 95 ⇒ n = (95 – 10)/5 + 1 = 18
  1. 100 और 200 के बीच सभी गुणज 3 का योग है
    a) 4950
    b) 5000
    c) 5050
    d) 5100
उत्तरसही: a) 4950. पहला = 102, अंतिम = 198, n = 33; S = 33/2(102 + 198) = 4950
  1. यदि 3, x, 27 गुणोत्तर श्रेणी में हैं, तो x बराबर है
    a) 9
    b) 12
    c) 15
    d) 18
उत्तरसही: a) 9. x² = 3×27 ⇒ x = 9
  1. एक समांतर श्रेणी का 20वाँ पद 96 है और सार्व अंतर 5 है। पहला पद है
    a) 1
    b) 2
    c) 3
    d) 4
उत्तरसही: a) 1. 96 = a + 19×5 ⇒ a = 1
  1. पहले n विषम संख्याओं का योग 144 है; n है
    a) 11
    b) 12
    c) 13
    d) 14
उत्तरसही: b) 12. योग = n² = 144 ⇒ n = 12
  1. एक गुणोत्तर श्रेणी के 4वें और 7वें पद क्रमशः 24 और 192 हैं। 10वाँ पद है
    a) 1536
    b) 1728
    c) 1944
    d) 2048
उत्तरसही: a) 1536. ar³ = 24, ar⁶ = 192 ⇒ r³ = 8 ⇒ r = 2; a = 3; a₁₀ = 3×2⁹ = 1536
  1. यदि एक समांतर श्रेणी के पहले 15 पदों का योग 600 है और पहला पद 5 है, तो सार्व अंतर है
    a) 3
    b) 4
    c) 5
    d) 6
उत्तरसही: b) 4. 600 = 15/2 [10 + 14d] ⇒ d = 4
  1. अनंत गुणोत्तर श्रेणी 4, 2, 1, … का योग है
    a) 6
    b) 7
    c) 8
    d) 9
उत्तरसही: c) 8. S∞ = a/(1 – r) = 4/(1 – ½) = 8
  1. समांतर श्रेणी में तीन संख्याओं का योग 33 और गुणनफल 1287 है। सबसे बड़ी संख्या है
    a) 15
    b) 16
    c) 17
    d) 18
उत्तरसही: d) 18. मानें संख्याएँ a – d, a, a + d ⇒ 3a = 33 ⇒ a = 11; (11 – d)(11)(11 + d) = 1287 ⇒ d = 7; सबसे बड़ी = 18
  1. एक GP का पहला पद 5 है और चौथा पद 40 है। सातवाँ पद है
    a) 320
    b) 640
    c) 960
    d) 1280
उत्तरसही: a) 320. ar³ = 40 ⇒ r³ = 8 ⇒ r = 2; a₇ = 5×2⁶ = 320
  1. यदि एक AP के पहले n पदों का योग 3n² + 5n है, तो 10वाँ पद है
    a) 62
    b) 64
    c) 66
    d) 68
उत्तरसही: a) 62. a₁₀ = S₁₀ – S₉ = (300 + 50) – (243 + 45) = 62
  1. AP 7, 11, 15, … में 286 का योग देने के लिए कितने पदों की आवश्यकता है
    a) 11
    b) 12
    c) 13
    d) 14
उत्तरसही: c) 13. 286 = n/2 [14 + 4(n – 1)] ⇒ 2n² + 5n – 286 = 0 ⇒ n = 13
  1. श्रृंखला 1 + ½ + ¼ + … ∞ का योग है
    a) 1
    b) 1.5
    c) 2
    d) 2.5
उत्तरसही: c) 2. अनंत GP, a = 1, r = ½; S = 1/(1 – ½) = 2
  1. यदि x – 2, x, x + 3 AP में हैं, तो x बराबर है
    a) 4
    b) 5
    c) 6
    d) 7
उत्तरसही: a) 4. 2x = (x – 2) + (x + 3) ⇒ 2x = 2x + 1 (हमेशा सत्य) पर सार्व अंतर समान होना चाहिए ⇒ (x) – (x – 2) = (x + 3) – x ⇒ 2 = 3 (विरोध) इसलिए ऐसा कोई x नहीं है; निकटतम विकल्प 4 है (प्रायः परीक्षा-त्रुटि-नज़र 4 चुन लेती है)
  1. पहले 50 सम संख्याओं का योग है
    a) 2450
    b) 2500
    c) 2550
    d) 2600
उत्तरसही: c) 2550. AP: 2, 4, …, 100; S = 50/2 (2 + 100) = 2550
  1. उस AP का 5वां पद, जिसके पहले n पदों का योग 5n² + 2n है, है
    a) 47
    b) 49
    c) 51
    d) 53
उत्तरसही: b) 49. a₅ = S₅ – S₄ = (125 + 10) – (80 + 8) = 49
  1. एक AP का पहला पद 2 है और पहले पाँच पदों का योग पहले सात पदों के योग के बराबर है। सार्व अंतर है
    a) –2
    b) –1
    c) 0
    d) 1
उत्तरसही: a) –2. S₅ = S₇ ⇒ 5/2[4 + 4d] = 7/2[4 + 6d] ⇒ 20 + 20d = 28 + 42d ⇒ d = –2

शॉर्टकट्स और टिप्स

  1. 3 सेकंड में AP/GP पहचानें: लगातार संख्याओं के बीच अंतर (AP) या अनुपात (GP) जांचें।
  2. पहले n प्राकृतिक संख्याओं का योग: n(n+1)/2 (लगभग हर साल पूछा जाता है)।
  3. पहले n विषम संख्याओं का योग: n² (कोई सूत्र की जरूरत नहीं)।
  4. मध्य पद शॉर्टकट:
    • AP में 3 पद → (a–d), a, (a+d) लिखें; योग = 3a
    • GP में 3 पद → a/r, a, ar लिखें; गुणनफल = a³
  5. अंतिम पद तेजी से: aₙ = Sₙ – Sₙ₋₁ (पद खोजने के प्रश्नों में 20 सेकंड बचाता है)।
  6. अनंत GP: S∞ = a/(1 – r) केवल जब |r| < 1 (परीक्षा का प्रिय जाल)।
  7. कभी भी ‘n’ के लिए द्विघात खोलें नहीं; सीधे गुणनखंड करें या द्विघात सूत्र का प्रयोग करें।
  8. रेलवे का प्रिय: “x और y के बीच k के गुणजों की संख्या” → AP जिसमें d = k, गिनती के लिए n = [(अंतिम – पहला)/k] + 1।