दक्षिणी विभाग

दक्षिण रेलवे – प्रमुख विभागों पर एक नज़र

दक्षिण रेलवे (SR) 19 भारतीय रेलवे ज़ोनों में सबसे पुराना है और इसका मुख्यालय चेन्नई (रॉयापुरम) में है।
इसे पूर्ववर्ती मद्रास एवं दक्षिण महाराष्ट्र रेलवे (MSMR) से 14 अप्रैल 1951 को अलग किया गया था।

1. घटक विभाग

विभाग मुख्यालय आच्छादित राज्य मार्ग किमी (2023) प्रमुख शेड और कार्यशालाएँ
चेन्नई चेन्नई सेंट्रल TN, AP 992 बेसिन ब्रिज (EMU), परम्बुर कैरिज और लोको वर्क्स
तिरुचिरापल्ली गोल्डन रॉक TN 1 063 गोल्डन रॉक (डीज़ल), पोनमलाई (वैगन)
मदुरै मदुरै TN 1 005 डीज़ल और इलेक्ट्रिक ट्रिप शेड
पलक्कड़ पलक्कड़ जं. KL, TN 588 डीज़ल लोको शेड (ERS-PLKD खंड)
सलेम सलेम जं. TN, KL, AP 794 इलेक्ट्रिक लोको शेड (2018 में खुला)
तिरुवनंतपुरम तिरुवनंतपुरम सेंट्रल KL 625 TVC इलेक्ट्रिक लोको शेड, कोल्लम MEMU शेड

SR की कुल मार्ग लंबाई (सभी विभाग) ≈ 5 077 किमी (BG – 100 %; विद्युतीकृत – 98 %)


2. तकनीकी और परिचालन विनिर्देश

पैरामीटर मान
ट्रैक्शन मिक्स 100 % विद्युतीकृत (अंतिम खंड → 2022)
अधिकतम खंडीय गति 130 किमी/घंटा (चेन्नई–विजयवाड़ा और चेन्नई–गुंटकल)
सिग्नलिंग चेन्नई उपनगरीय पर स्वचालित ब्लॉक; मुख्य लाइन पर CBI, इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग
ट्रेन प्रबंधन TMS (तिरुच्चिराप्पल्लि–मदुरै), ACD, GPS-सक्षम “FogPASS”
फ्रेट बास्केट कोयला (NTPL, NLC), चूना पत्थर, सीमेंट, कंटेनर (ICD-टोंडियारपेट, कोयंबटूर), खाद्यान्न
रोलिंग स्टॉक होल्डिंग (2023) 1 096 इलेक्ट्रिक लोको, 188 DEMUs को MEMUs में परिवर्तित, 4 731 कोच
रेक मेंटेनेंस 50 ट्रिप शेड, प्रति डिवीजन औसतन 4 पिट लाइन

3. ऐतिहासिक मील के पत्थर

  • 1853 – दक्षिण भारत में पहली स्टीम चालित ट्रेन: रॉयपुरम–वालाजाह रोड (रेड हिल रेलवे)
  • 1856 – मद्रास–अरक्कोणम (एम एंड एसएम रेलवे) – 69 किमी – दक्षिण रेलवे में पहली ब्रॉड गेज लाइन
  • 1874 – मद्रास–तूतीकोरिन बंदरगाह लाइन पूरी हुई – अमेरिकी गृहयुद्ध के दौरान कपास निर्यात के लिए महत्वपूर्ण
  • 1891 – पालक्कड–पोदनुर कॉर्ड खुला – कालिकट–मद्रास का सबसे छोटा मार्ग
  • 1927 – परम्बुर कैरिज वर्क्स की स्थापना – दक्षिण रेलवे का सबसे पुराना एकीकृत वर्कशॉप
  • 1931 – मद्रास इलेक्ट्रिक उपनगरीय सेवा शुरू (मुंबई और कोलकाता के बाद तीसरी सबसे पुरानी)
  • 1956 – पूर्व मद्रास रेलवे का दक्षिण रेलवे गठन के समय विलय
  • 1969पंबन पुल (2.06 किमी) – भारत का पहला समुद्री रेल पुल (तब मीटर गेज) 2007 में ब्रॉड गेज में बदला गया
  • 1979निलगिरि माउंटेन रेलवे (एनएमआर) को यूनेस्को टैग (खिलौना ट्रेन – रैक और पिनियन)
  • 1998कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन खुला – दक्षिण रेलवे को मुंबई–तिरुवनंतपुरम का सबसे छोटा मार्ग मिला
  • 2018 – सलेम ईएलएस कमीशन – पहले 12 000 एचपी “WAG-12” लोको दक्षिण रेलवे को आवंटित
  • 2022रेलस्प्रिंग क्यूआर-आधारित कोच मेंटेनेंस ऐप बेसिन ब्रिज पर पायलट के तौर पर शुरू
  • 2023अमृत भारत (₹800 करोड़) चेन्नई, टीवीसी और तिरुचि स्टेशनों के लिए एडीआईपी योजना के तहत स्वीकृत

4. वर्तमान स्थिति और हालिया अपडेट (2023-24)

  1. K-RIDE (केरल रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर डेव. कॉर्प.)– SR 532 किमी “सिल्वर लाइन” योजना चला रहा है – अर्ध-उच्च गति (200 किमी/घंटा) – DPR KRCL के साथ।
  2. तिरुवनंतपुरम–कासरगोड वंदे भारत एक्सप्रेस का उद्घाटन (अप्रैल-23) – SR की पहली VB – 6:15 घंटे बनाम 9 घंटे शताब्दी।
  3. चेन्नई उपनगरीय 4वीं लाइन कोरुक्कुपेट–अत्तिपट्टु के बीच (28 किमी) पूरी – 140 EMU सेवाएँ जोड़ी गईं।
  4. गोल्डन रॉक को हाइब्रिड लोकोट्रोल सुविधा मंजूर – लॉन्ग-हॉल फ्रेट के लिए रिमोट लोको ऑपरेशन।
  5. मदुरै–बोडिनायक्कनूर BG रूपांतरण (90 किमी) – 85 % पूर्ण – 2025 अनुमानित।
  6. रामेश्वरम – नया रो-रो जेटी और पंबन वर्टिकल-लिफ्ट स्पैन (2024) – 2.0 किमी पुल – नवयुग इंजीनियरिंग–RVNL संयुक्त उपक्रम।
  7. सलेम–करूर दोहरीकरण (83 किमी) – 60 % अर्थवर्क पूरा – इरोड जाम हल करने के लिए।
  8. तिरुवनंतपुरम कोचिंग टर्मिनल विस्तार – 4वीं पिट लाइन जोड़ी – क्षमता ↑ 40 %।

5. क्विक-फायर डेटा कैप्सूल (RRB-पसंदीदा)

  • SR में सबसे लंबा प्लेटफॉर्मशोरनूर (8B) – 1 086 मी
  • सबसे ऊँचा रेल पियरपंबन – 64 मी (नया वर्टिकल-लिफ्ट स्पैन)
  • सबसे तेज ढलाननिलगिरि माउंटेन – 1 इन 12 (रैक सेक्शन)
  • सबसे व्यस्त मालगाड़ी लाइनगुंटकल–रेनिगुंटा (कोयला और आयरन ओर)
  • एकमात्र रैक रेलवेNMR (मेट्टुपालयम–उदगमंडलम)
  • EMU कारशेड्स – अवादी, ताम्बरम, वेलाचेरी, कोरुक्कुपेट, तिरुवल्लुर
  • MEMU कारशेड्स – कोल्लम, पलक्कड, मदुरै, सलेम
  • अंतरराष्ट्रीय सीमातिरुवनंतपुरम डिवीजन कन्याकुमारी को छूता है – श्रीलंका से सबसे नज़दीक रेल हेड (25 किमी)
  • विश्व धरोहर रेलNMR और कालका–शिमला (लेकिन केवल NMR SR में है)

6. 15+ MCQs – दक्षिणी डिवीजन

1. दक्षिण रेलवे का मुख्यालय कहाँ स्थित है

उत्तर: चेन्नई (रॉयपुरम)

2. SR के किस डिवीजन में सबसे लंबा रूट-किलोमीटर है?

उत्तर: तिरुचिरापल्ली (≈ 1 063 किमी)

3. भारत का पहला समुद्री रेल पुल “पंबन” किस SR डिवीजन में है?

उत्तर: मदुरै

4. सलेम में इलेक्ट्रिक लोको शेड कब कमीशन हुआ था

उत्तर: 2018

5. निम्नलिखित में से कौन-सा वर्कशॉप भारतीय रेलवे का सबसे पुराना है?

उत्तर: पराम्बुर कैरिज वर्क्स (1927)

6. यूनेस्को विश्व धरोहर “निलगिरि माउंटेन रेलवे” किस मंडल से संबंधित है?

उत्तर: सलेम

7. दक्षिण रेलवे की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस चलती है

उत्तर: तिरुवनंतपुरम–कासरगोड के बीच

8. दक्षिण रेलवे में एकमात्र रैक-एंड-पिनियन खंड कौन-सा है?

उत्तर: मेट्टुपालयम–कूनूर

9. मंडल मुख्यालय “गोल्डन रॉक” किससे संबंधित है?

उत्तर: तिरुचिराप्पल्ली

10. दक्षिण रेलवे में सबसे तेज़ ढलान (1 इन 12) कहाँ मिलती है?

उत्तर: NMR रैक खंड

11. निम्नलिखित में से कौन-सा दक्षिण रेलवे का मंडल नहीं है?

उत्तर: गुंटकल (यह SCoR के अंतर्गत है)

12. भारत की पहली ब्रॉड गेज विद्युतीकृत उपनगरीय सेवा दक्षिण रेलवे में कब शुरू हुई?

उत्तर: 1931 (मद्रास बीच–ताम्बरम)

13. केरल का “सिल्वर लाइन” अर्ध-उच्च-गति गलियारा किसके द्वारा क्रियान्वित किया जाएगा?

उत्तर: K-RIDE (केरल रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन)

14. बेसिन ब्रिज का इलेक्ट्रिक लोको शेड किस मंडल के अंतर्गत आता है?

उत्तर: चेन्नई

15. दक्षिण रेलवे का सबसे लंबा प्लेटफॉर्म, शोरानुर (1 086 मी), किसमें है?

उत्तर: पलक्कड़ मंडल

16. पंबन पुल का नया वर्टिकल-लिफ्ट स्पैन नेविगेशनल क्लीयरेंस रखेगा

उत्तर: 22 मी (वर्तमान 17 मी से)

17. एसआर का कौन-सा डिवीजन सबसे अधिक राज्यों को छूता है?

उत्तर: सलेम (तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश)

18. कोल्लम का मेमू कारशेड प्रशासनिक नियंत्रण में है

उत्तर: तिरुवनंतपुरम डिवीजन


रिविजन टिप: एक खाली दक्षिण भारत के आउटलाइन पर 5 डिवीजन + नीलगिरि माउंटेन मैप करें; शेड्स, वर्कशॉप्स, पोर्ट्स और घाटियों को चिह्नित करें – 80 % लोकेशन-आधारित एमसीक्यू सॉल्व्ड!