शताब्दी कोच

शताब्दी कोच – रेलवे सामान्य ज्ञान की संपूर्ण कैप्सूल

1. परिचय

शताब्दी कोच भारतीय रेलवे के प्रीमियम दिवसीय अंतर-नगरीय ट्रेन परिवार – शताब्दी एक्सप्रेस – की रीढ़ हैं। पं. जवाहरलाल नेहरू की शताब्दी (1988-89) को समर्पित करने के लिए प्रारंभ की गई ये पूरी तरह वातानुकूलित, चेयर-कार ट्रेनें महानगरों तथा पर्यटन और व्यापार केंद्रों के बीच एक ही दिन में वापसी की यात्रा के लिए डिज़ाइन की गई हैं।


2. तकनीकी विवरण (एलएचबी और आईसीएफ संस्करण)

पैरामीटर एलएचबी शताब्दी (वर्तमान) आईसीएफ शताब्दी (चरणबद्ध रूप से बंद)
कोच शैल सामग्री स्टेनलेस स्टील (कोर्टेन) माइल्ड स्टील
बॉडी के अंदर की लंबाई 23.54 मी 21.32 मी
बॉडी के अंदर की चौड़ाई 3.24 मी 3.16 मी
ऊँचाई (छत) 4.27 मी 4.27 मी
टेयर वज़न (एसी चेयर कार) 39-42 टन 47-50 टन
अधिकतम अनुमत गति 160 किमी/घं (सेवा 130-150) 140 किमी/घं (सेवा 110-130)
बोगी प्रकार फिएट-बोगी (एलएचबी) आईसीएफ बोगी
बफर और कपलिंग सेंटर-बफर-कम-कपलर (सीबीसी) स्क्रू कपलिंग + साइड बफर
ब्रेक प्रणाली एयर-ट्विन-पाइप, डिस्क ब्रेक एयर-ट्विन-पाइप, ट्रेड ब्रेक
यात्री क्षमता (एग्ज़िक्यूटिव चेयर कार) 56 52
यात्री क्षमता (एसी चेयर कार) 78 78
दरवाज़ा प्रकार प्लग-स्लाइडिंग, ऑटोमैटिक मैनुअल बाय-पार्टिंग
हेड-ऑन जनरेशन (एचओजी) 750 वोल्ट/1100 वोल्ट डीसी लोको से पावर कार (डीज़ल)
पैंट्री मिनी-पैंट्री / ऑन-बोर्ड कैटरिंग पूर्ण पैंट्री कार

3. ऐतिहासिक समयरेखा

  • 14 नवम्बर 1988: पहली शताब्दी को नई दिल्ली – झाँसी के बीच हरी झंडी दिखाई गई (शताब्दी संस्कृत में शताब्दी का अर्थ रखता है)।
  • 1989: भोपाल तक बढ़ाई गई (आज भी 12001/02 भोपाल शताब्दी के रूप में चलती है)।
  • 1990-94: आईसीएफ-निर्मित 21-कोच के रेक; अधिकतम गति 120 किमी/घंटा।
  • 1996-97: दिल्ली-आगरा खंड पर पहली बार गति बढ़ाकर 130 किमी/घंटा की गई।
  • 2003: एलएचबी डिज़ाइन अपनाया गया; पहला एलएचबी शताब्दी रेक मुंबई राजधानी को मिला (बाद में स्थानांतरित)।
  • 2010-15: सभी शताब्दियों को धीरे-धीरे एलएचबी में बदला गया; आईसीएफ रेक वापस ले लिए गए।
  • 2016: तेजस और शताब्दी पहली बार एचओजी के साथ चलीं; पावर-कारें 2 से घटाकर 1 कर दी गईं।
  • 2019: विस्टा-डोम (कांच-छत) कोच कालका-शिमला शताब्दी पर शुरू किया गया।
  • 2021-23: अमृत भारत अभियान – 102 शताब्दी सेवाएँ, 373 कोचों को कवच परीक्षण के साथ नवीनीकृत किया गया।

4. कोच नामकरण और रंग कोड

  • EOG: एंड-ऑन-जनरेटर (पावर कार) – मरून-ग्रे।
  • E1/E2: एग्ज़िक्यूटिव चेयर कार – बॉटल-ग्रीन + ग्रे स्ट्राइप।
  • C1-C8: एसी चेयर कार – लाइट-ब्लू + ग्रे स्ट्राइप।
  • PC: पैंट्री कार – रेड-ग्रे।
  • SLRD: एसएलआर-कम-डिवाइडिंग वैन (कभी-कभी जोड़ी जाती है)।

लिवरियाँ:

  • मूल – सफेद/नीला लाल पट्टी के साथ।
  • 2018-वर्तमान – तेजस-जैसी ग्रे-नेवी चमकीले पीले चेव्रॉन के साथ।

5. विशेष सुविधाएँ

  1. एग्ज़िक्यूटिव क्लास में घूमने वाली सीटें (180° मोड़)।
  2. व्यक्तिगत रीडिंग लैंप और ट्रे टेबल
  3. बायो-वैक्यूम टॉयलेट्स IR-ICF मानकों के साथ।
  4. अग्नि और धुआँ पहचान प्रणाली (LHB)।
  5. GPS आधारित यात्री सूचना प्रणाली (2017 रेट्रोफिट)।
  6. CCTV नवीनतम रेक्स में (2022)।
  7. KAVACH (TACS) का परीक्षण 5 शताब्दी कॉरिडोर पर (अक्टूबर-2023)।

6. वर्तमान स्थिति (2024)

  • कुल शताब्दी ट्रेनें: 46 (जुलाई 2024 टाइम-टेबल के अनुसार)।
  • कुल शताब्दी कोच: ≈ 1,150 (सभी LHB)।
  • सबसे अधिक आवृत्ति वाला मार्ग: दिल्ली-चंडीगढ़ (रोज़ाना 4 जोड़े)।
  • सबसे तेज़ शताब्दी: 12050/49 गतिमान एक्सप्रेस (दिल्ली-आगरा, 160 किमी/घंटा) – अलग से विपणन होता है परंतु समान कोच-शेल प्रयोग करती है।
  • सबसे हरित शताब्दी: मुंबई-गोवा – 100% HOG और 1 पावर-कार के साथ चलती है।

7. हालिया अपडेट (2023-24)

  • जनवरी 2023: भारतीय रेलवे ने “पुश-पुल” कॉन्फ़िगरेशन (दोनों सिरों पर लोको) को हावड़ा-पुरी शताब्दी के लिए मंज़ूरी दी ताकि टर्न-अराउंड समय बचाया जा सके।
  • अगस्त 2023: वंदे-शताब्दी हाइब्रिड रेक परीक्षण – 16 कोच वंदे-भारत इंटीरियर्स के साथ; परिणाम लंबित।
  • दिसंबर 2023: कवच दिल्ली-आगरा और चेन्नई-बेंगलुरु शताब्दी खंडों पर परिचालन में।
  • मार्च 2024: रेलवे बजटRCF कपूरथला में 200 और शताब्दी कोच बनाए जाएंगे 5 टन वज़न में कमी के साथ।

8. परीक्षा के लिए त्वरित तथ्य

  • प्रथम शताब्दी: 1988, एनडीएलएस-जेएचएस, श्री माधव राव सिंधिया (तत्कालीन रेल मंत्री) द्वारा झंडी दिखाकर रवाना की गई।
  • सबसे लंबा रन: चेन्नई-माई शताब्दी (500 किमी)।
  • सबसे छोटा रन: हावड़ा-पुरी (498 किमी) – लेकिन गुवाहाटी-डिब्रूगढ़ (गुवाहाटी-शताब्दी) 552 किमी है।
  • केवल शताब्दी जिसमें विस्टा-डोम है: कालका-शिमला (संकरी गेज)।
  • केवल शताब्दी जो 160 किमी/घंटा छूती है: गतिमान (कोच एलएचबी शताब्दी के समान)।
  • कोच के अंदर की बिजली वोल्टेज: 110 वी एसी (पहले 24 वी डीसी पंखे)।
  • एग्जीक्यूटिव चेयर कार के लिए कोच कोड: E (EX नहीं)।
  • एलएचबी सुरक्षा विशेषताएं: एंटी-क्लाइम्ब, क्रैश-वर्थी, 9.5 टी बफिंग लोड।

9. अभ्यास के लिए बहुविकल्पीय प्रश्न

1. शताब्दी एक्सप्रेस किसकी शताब्दी के उपलक्ष्य में शुरू की गई थी?

उत्तर. पं. जवाहरलाल नेहरू

2. भारत में पहली शताब्दी मार्ग कौन-सा था?

उत्तर. नई दिल्ली – झांसी

3. एलएचबी शताब्दी कोच की वर्तमान में अधिकतम अनुमत गति है

उत्तर. 160 किमी/घंटा

4. एलएचबी शताब्दी की एग्जीक्यूटिव चेयर कार पर रंग बैंड है

उत्तर. बॉटल ग्रीन + ग्रे

5. आधुनिक शताब्दी कोच में कौन-सा बोगी प्रयुक्त होता है?

उत्तर. फिएट बोगी

6. LHB AC चेयर कार (C-क्लास) की यात्री क्षमता कितनी है?

उत्तर. 78

7. शताब्दी ट्रेनें किस ट्रेन श्रेणी के अंतर्गत आती हैं?

उत्तर. सुपरफास्ट (SF)

8. शताब्दी पर पहला विस्टा-डोम कोच किस सेक्शन पर शुरू किया गया था?

उत्तर. कालका-शिमला

9. शताब्दी कोच स्टेनलेस स्टील के किस उत्पादन इकाई में बनाए जाते हैं?

उत्तर. RCF कपूरथला

10. 2024 की समय सारिणी के अनुसार कितनी शताब्दी ट्रेनें चल रही थीं?

उत्तर. 46

11. LHB शताब्दी कोच में कौन-सा कपलिंग सिस्टम दिया गया है?

उत्तर. CBC (सेंटर बफर कपलर)

12. HOG रूपांतरण के बाद शताब्दी कोच में ऑन-बोर्ड विद्युत आपूर्ति है

उत्तर. लोको से 750 V DC

13. अपनी दूरी के लिए सबसे कम यात्रा समय वाली कौन-सी शताब्दी है?

उत्तर. गतिमान एक्सप्रेस (दिल्ली-आगरा)

14. ICF शताब्दी कोच में किस प्रकार की ब्रेक प्रणाली थी?

उत्तर. ट्रेड (ब्लॉक) ब्रेक

15. LHB एग्ज़िक्यूटिव चेयर कार का टेअर वज़न लगभग

उत्तर. 39-42 t

16. शताब्दी ट्रेनों में कौन-सा क्लास नहीं होता?

उत्तर. स्लीपर क्लास

17. LHB कोचों में दी गई कौन-सी सुरक्षा सुविधा ICF कोचों में नहीं होती?

उत्तर. एंटी-क्लाइब फीचर

18. शताब्दी में GPS-आधारित यात्री सूचना प्रणाली पहली बार कब शुरू की गई?

उत्तर. 2017


अंतिम अपडेट: जुलाई 2024