भारत में रेलवे सुरंगें - अवसंरचना

भारत में रेलवे सुरंगें – आरआरबी परीक्षा कैप्सूल

(अवसंरचना – स्थायी मार्ग एवं इंजीनियरिंग)


1. रेलवे सुरंग क्या है? (परीक्षाओं के लिए परिभाषा)

  • प्राकृतिक अवरोध (पहाड़ी/पर्वत/नदी) से होकर रेल आवागमन के लिए एक आवृत मार्ग, लंबाई ≥ 60 मीटर (भारतीय रेल की परिभाषा)।
  • यदि < 60 मीटर → “शेड” या “गैलरी”, सुरंग नहीं।

2. भारतीय रेल द्वारा प्रयुक्त सुरंग वर्गीकरण

श्रेणी लंबाई (मीटर) उदाहरण
लघु 60 – 250 कालका-शिमला पर 39
मध्यम 251 – 1,000 दार्जिलिंग-हिमालयन पर 13
दीर्घ 1,001 – 3,000 कारबुडे, टी-14 (कोंकण)
अतिदीर्घ > 3,000 पीर पंजाल, बनिहाल, संगलदान, चेनाब, टी-49 (यूएसबीआरएल)

3. क्षेत्र-वार सुरंगों की संख्या (31-03-2023)

क्षेत्र मार्ग किमी सुरंगों की संख्या टिप्पणियाँ
उत्तर रेलवे (एनआर) 7,112 104 यूएसबीआरएल, जम्मू-उधमपुर
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) 4,197 56 दार्जिलिंग-हिमालयन, लुमडिंग-सिलचर
दक्षिण रेलवे (एसआर) 5,118 51 पालक्कड़-पोल्लाची, दक्षिणी घाट
मध्य रेलवे (सीआर) 3,911 46 कोंकण रेलवे
पश्चिम रेलवे (डब्ल्यूआर) 5,464 20 मुंबई-पुणे, राजकोट-वेरावल
दक्षिण मध्य रेलवे (एससीआर) 3,473 18 नल्लामल पहाड़ियाँ
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (एसईसीआर) 2,479 10 बिलासपुर-कटनी
अन्य प्रत्येक < 10
कुल भारतीय रेल 327

4. शीर्षस्थ तालिका – अवश्य याद रखें

पैरामीटर सुरंग विवरण
सबसे लंबी रेल सुरंग पीर पंजाल (टी-80) 11.215 किमी (बनिहाल-काजीगुंड, एनआर, दिसंबर-2013 में चालू)
दूसरी सबसे लंबी संगलदान (टी-50) 8.035 किमी (यूएसबीआरएल, 2023 में चालू)
तीसरी सबसे लंबी कारबुडे 6.506 किमी (कोंकण रेलवे, सीआर)
सर्वाधिक ऊँचाई चेनाब पुल दृष्टिकोण (टी-13) समुद्र तल से 1,350 मीटर ऊपर
प्रयोग में आने वाली सबसे पुरानी टी-नंबर 1 (कालका-शिमला) 1903, 96 मीटर, यूनेस्को धरोहर
निर्माणाधीन सबसे लंबी टी-49 (यूएसबीआरएल) 12.775 किमी (पीर पंजाल को पीछे छोड़ देगी)

5. महत्वपूर्ण रेलवे सुरंगें संख्याओं सहित

नाम / नंबर रेलवे खंड क्षेत्र लंबाई (मीटर) वर्ष विशिष्ट बिंदु
बड़ोग कालका-शिमला एनआर 1,143 1903 सबसे सीधी (अंदर कोई मोड़ नहीं)
टी-14 (कारबुडे) रत्नागिरी–निवासर सीआर/कोंकण 6,506 1997 2013 तक केआर पर सबसे लंबी
टी-15 (बर्थामाडी) कारवार–मडगाँव सीआर/कोंकण 4,354 1997 कारवार नौसैनिक अड्डे का दृष्टिकोण
टी-27 (पातालगंगा) पनवेल–रोहा सीआर/कोंकण 3,389 1998 पातालगंगा नदी के नीचे से गुजरती है
टी-12 (सावरदे) चिपलून–सावरदे सीआर/कोंकण 3,429 1998 दोहरी नलिकाएं, एनएच-66 ऊपर
टी-80 (पीर पंजाल) बनिहाल-काजीगुंड एनआर 11,215 2013 पहली ट्रांस-पीर पंजाल रेल
टी-50 (संगलदान) संगलदान–रीयासी एनआर 8,035 2023 90% टीबीएम द्वारा खोदी गई
टी-49 (निर्माणाधीन) खारी-डुग्गा एनआर 12,775 13.3 मीटर चौड़ी (दोहरी लाइन)
भैरबी (टी-1 से टी-9) भैरबी-सैरंग एनएफआर 2,960 (कुल 9) 2023 मिजोरम रेल लिंक
लुमडिंग–सिलचर (टी-45 से टी-55) लुमडिंग–हाफलांग–सिलचर एनएफआर 17 सुरंगें कुल 11.4 किमी 2015 बराक घाटी का एकमात्र ब्रॉड-गेज भूमि मार्ग

6. आरआरबी में पूछे जाने वाले सुरंग निर्माण प्रौद्योगिकियाँ

  1. ड्रिल और ब्लास्ट – पारंपरिक, हिमालय (यूएसबीआरएल) में प्रयुक्त।
  2. एनएटीएम (न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड) – क्रमिक उत्खनन, यूएसबीआरएल की 95% सुरंगों में अपनाया गया।
  3. टीबीएम (टनल बोरिंग मशीन) – संगलदान, टी-49 (Ø 11.74 मीटर)।
  4. कट-एंड-कवर – शहरी स्टेशनों के निकट (मुंबई मेट्रो, मुख्य लाइन आईआर नहीं)।

7. सुरक्षा एवं सिग्नलिंग विशेषताएं

  • ओएचई – 25 केवी एसी, पीर पंजाल और संगलदान के अंदर कठोर कैटेनरी।
  • प्रणोदित वेंटिलेशन – जेट पंखे @ 150 मीटर प्रति सेकंड वायु प्रवाह।
  • स्काडा – प्रकाश और पंखों का दूरस्थ नियंत्रण।
  • आपातकालीन क्रॉस-पैसेज – प्रत्येक 500 मीटर पर (यूएसबीआरएल मानक)।
  • बैलास्टलेस ट्रैक (RHEDA 2000) लंबी सुरंगों के अंदर उच्च गति के लिए।

8. विश्व बनाम भारत तुलना (स्मृति सुझाव)

रेल सुरंग देश लंबाई समान लंबाई होने पर भारत की रैंक
सेइकान जापान 53.8 किमी
चैनल यूके-फ्रांस 50.5 किमी
गोटथार्ड बेस स्विट्जरलैंड 57.1 किमी
पीर पंजाल भारत 11.2 किमी विश्व में 14वीं होती

9. पिछले आरआरबी सीबीटी-2 में पूछे गए तथ्य

  • भारत में कुल रेल सुरंगें – 327 (31-03-2023 तक)।
  • कोंकण रेलवे में 738 किमी में 91 सुरंगें (सर्वाधिक घनत्व)।
  • कालका-शिमला में 103 सुरंगें (सबसे लंबी 1,143 मीटर, बड़ोग)।
  • पीर पंजाल मौजूदा जवाहर सड़क सुरंग से 54 मीटर नीचे है।
  • चेनाब रेल सुरंग (टी-13) 11 किमी लंबी है, जिसमें से 8 किमी सीधी रेखा में है।
  • यूएसबीआरएल परियोजना लागत ≈ ₹35,000 करोड़ (संपूर्ण परियोजना, केवल सुरंगें नहीं)।
  • दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे12 लूप + 5 लघु सुरंगें।
  • एनएफआर के पास पूर्वी भारत की 2 सबसे लंबी सुरंगें हैं – टी-45 (3.2 किमी) और टी-47 (2.8 किमी) लुमडिंग-सिलचर पर।

10. त्वरित-संशोधन तालिकाएं

A. राज्य-वार गणना

राज्य प्रमुख सुरंगें टिप्पणियाँ
जम्मू-कश्मीर 35 यूएसबीआरएल, पीर पंजाल, बनिहाल, संगलदान
हिमाचल प्रदेश 103 कालका-शिमला, यूनेस्को
महाराष्ट्र 91 संपूर्ण कोंकण रेलवे
पश्चिम बंगाल 14 दार्जिलिंग-हिमालयन, सेवोक-रंगपो (निर्माणाधीन)
असम 11 लुमडिंग-सिलचर
तमिलनाडु 18 पालक्कड़-पोल्लाची, दक्षिणी घाट
अन्य 55

B. लंबाई बकेट

बकेट (किमी) संख्या कुल का %
>10 किमी 2 0.6
5–10 किमी 5 1.5
1–5 किमी 48 14.7
0.25–1 किमी 120 36.7
0.06–0.25 किमी 152 46.5

11. 15 बहुविकल्पीय प्रश्न – आरआरबी पैटर्न

(सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)

  1. भारत की सबसे लंबी रेलवे सुरंग है
    A. कारबुडे
    B. संगलदान
    C. पीर पंजाल
    D. टी-49
    उत्तर: C

  2. कोंकण रेलवे किस रेलवे क्षेत्र के अंतर्गत आती है?
    A. डब्ल्यूआर
    B. सीआर
    C. एसआर
    D. एसडब्ल्यूआर
    उत्तर: B

  3. 31-03-2023 तक भारत में रेलवे सुरंगों की कुल संख्या लगभग है
    A. 227
    B. 327
    C. 427
    D. 527
    उत्तर: B

  4. कौन सी सुरंग बनिहाल को काजीगुंड से जोड़ती है?
    A. टी-49
    B. टी-80
    C. बड़ोग
    D. टी-14
    उत्तर: B

  5. भारत में निर्मित पहली रेल सुरंग जो आज भी प्रयोग में है, किससे संबंधित है?
    A. कालका-शिमला रेलवे
    B. दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे
    C. मुंबई-पुणे घाट
    D. नीलगिरि माउंटेन रेलवे
    उत्तर: A

  6. भारत की सर्वाधिक ऊँचाई वाली रेलवे सुरंग किस पर्वत श्रृंखला में स्थित है?
    A. पश्चिमी घाट
    B. पीर पंजाल
    C. हिमालय (शिवालिक)
    D. अरावली
    उत्तर: C

  7. यूएसबीआरएल सुरंग निर्माण के लिए मुख्य रूप से कौन सी विधि प्रयुक्त की गई है?
    A. केवल टीबीएम
    B. केवल ड्रिल और ब्लास्ट
    C. एनएटीएम
    D. कट-एंड-कवर
    उत्तर: C

  8. संगलदान सुरंग की लंबाई लगभग है
    A. 6.5 किमी
    B. 8.0 किमी
    C. 11.2 किमी
    D. 12.7 किमी
    उत्तर: B

  9. कारबुडे सुरंग किस राज्य में स्थित है?
    A. गोवा
    B. कर्नाटक
    C. महाराष्ट्र
    D. केरल
    उत्तर: C

  10. कोंकण रेलवे पर सबसे लंबी सुरंग है
    A. टी-15
    B. टी-27
    C. टी-14 (कारबुडे)
    D. टी-12
    उत्तर: C

  11. निम्नलिखित में से कौन सी सुरंग जम्मू और कश्मीर में स्थित नहीं है?
    A. पीर पंजाल
    B. संगलदान
    C. टी-49
    D. बड़ोग
    उत्तर: D

  12. दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे में कितनी सुरंगें हैं?
    A. 5
    B. 12
    C. 14
    D. 103
    उत्तर: A

  13. पीर पंजाल सुरंग के अंदर 25 केवी ओएचई प्रयोग करती है
    A. पारंपरिक कैटेनरी
    B. कठोर कैटेनरी
    C. तीसरी रेल
    D. केवल डीजल
    उत्तर: B

  14. यूएसबीआरएल परियोजना की टी-49 सुरंग, पूरी होने पर, भारत की सबसे लंबी सुरंग बनने के लिए किस सुरंग को पीछे छोड़ देगी?
    A. कारबुडे
    B. संगलदान
    C. पीर पंजाल
    D. बड़ोग
    उत्तर: C

  15. भारतीय रेलवे में 327 सुरंगों की गिनती के लिए कट-ऑफ तिथि है
    A. 31-03-2022
    B. 31-03-2023
    C. 31-12-2022
    D. 01-04-2023
    उत्तर: B


12. एक-पंक्ति क्रैम नोट्स

  • 327 सुरंगें, पीर पंजाल 11.2 किमी, सीआर के पास कोंकण, एनआर के पास यूएसबीआरएल, कालका-शिमला 103 सुरंगें, टी-49 12.7 किमी (निर्माणाधीन), पहाड़ों में एनएटीएम, लंबी सुरंगों के अंदर कठोर ओएचई, आपातकालीन क्रॉस-पैसेज प्रत्येक 500 मीटर पर।

इन संख्याओं और नामों का संशोधन करते रहें – इस विषय से प्रत्येक आरआरबी सीबीटी-2 में कम से कम 1 प्रश्न आता है।