रासायनिक बंधन
प्रमुख अवधारणाएँ
| # | अवधारणा | व्याख्या |
|---|---|---|
| 1 | आयनिक बंध | धातु से अधातु में इलेक्ट्रॉनों का हस्तांतरण; आयन बनते हैं जो आकर्षित होते हैं (NaCl)। |
| 2 | सहसंयोजी बंध | अधातुओं के बीच इलेक्ट्रॉनों का साझाकरण; एकल, द्वि या त्रि हो सकता है (H₂O, CO₂)। |
| 3 | धात्विक बंध | धातु धनायनों को घेरे हुए अपसानित इलेक्ट्रॉनों का “समुद्र”; चालकता और लचीलेपन को समझाता है। |
| 4 | अष्टक नियम | परमाणु इलेक्ट्रॉन हास्तांतरित/साझा करते हैं जब तक बाह्य कोश में 8 इलेक्ट्रॉन न हों (निष्क्रिय गैसों जैसी स्थिरता)। |
| 5 | विद्युतऋणात्मकता | परमाणु साझा इलेक्ट्रॉनों को खींचने की प्रवृत्ति; अंतर >1.7 → आयनिक, <1.7 → सहसंयोजी। |
| 6 | फजन का नियम | सहसंयोजी प्रकृत्र ↑ छोटे धनायन, बड़े ऋणायन व उच्च आवेश के साथ (AlI₃ > AlF₃)। |
| 7 | VSEPR सिद्धांत | अणु का आकार केंद्रीय परमाणु के चारों ओर इलेक्ट्रॉन युग्मों के प्रतिकर्षण से तय होता है (NH₃ → पिरामिडी)। |
| 8 | संकरण | परमाणु कक्षकों का मिश्रण नए कक्ष बनाने के लिए (CH₄ में sp³, C₂H₄ में sp², C₂H₂ में sp)। |
15 अभ्यास MCQs
1. कौन-सा यौगिक आयनिक व सहसंयोजी दोनों बंध रखता है?
A. MgCl₂ B. NH₄Cl C. CH₄ D. H₂O **उत्तर:** B. NH₄Cl **हल:** NH₄⁺ व Cl⁻ आयनिक हैं; NH₄⁺ के भीतर N–H बंध सहसंयोजी हैं। **शॉर्टकट:** “अमोनियम लवण हमेशा द्वैध होते हैं।” **टैग:** मिश्रित बंधन2. सोडियम क्लोराइड में बंधन बनता है:
A. साझाकरण B. स्थानांतरण C. दोनों D. कोई नहीं **उत्तर:** B. स्थानांतरण **शॉर्टकट:** धातु + अधातु → इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण। **टैग:** आयनिक बंधन3. कार्बन की अधिकतम सहसंयोजकता है:
A. 2 B. 3 C. 4 D. 6 **उत्तर:** C. 4 **शॉर्टकट:** कार्बन के पास 4 संयोजक इलेक्ट्रॉन हैं → 4 बंधन बना सकता है। **टैग:** सहसंयोजकता4. विद्युतऋणता का सही क्रम है:
A. F>O>N B. F>N>O C. O>F>N D. N>O>F **उत्तर:** A. F>O>N **शॉर्टकट:** “FON” अवरोही श्रृंखला। **टैग:** विद्युतऋणता प्रवृत्ति5. किस अणु का आकृति रेखीय है?
A. H₂O B. CO₂ C. NH₃ D. CH₄ **उत्तर:** B. CO₂ **शॉर्टकट:** केंद्रीय C पर अकेली इलेक्ट्रॉन युग्म नहीं → 2 द्विबंध → रेखीय। **टैग:** VSEPR6. sp³ संकरण पाया जाता है:
A. BeCl₂ B. BF₃ C. CH₄ D. C₂H₂ **उत्तर:** C. CH₄ **शॉर्टकट:** 4 एकल बंधन → sp³। **टैग:** संकरण7. सबसे अधिक सहसंयोजक चरित्र किसमें है?
A. NaCl B. MgCl₂ C. AlCl₃ D. KCl **उत्तर:** C. AlCl₃ **शॉर्टकट:** उच्च आवेश व छोटा धनायन → अधिक सहसंयोजक (फाजन)। **टैग:** फाजन का नियम8. अष्टक का पालन नहीं होता है:
A. CO₂ B. BF₃ C. CH₄ D. NH₃ **उत्तर:** B. BF₃ **शॉर्टकट:** B के पास बाह्य कोश में केवल 6e⁻ हैं। **टैग:** अष्टक अपवाद9. गलित अवस्था में विद्युत का संचालन करता है पर ठोस अवस्था में नहीं:
A. हीरा B. NaCl C. ग्रेफाइट D. SiO₂ **उत्तर:** B. NaCl **शॉर्टकट:** आयनिक ठोस केवल तभी चालन करते हैं जब आयन मुक्त हों (गलित/जलीय). **टैग:** विद्युत चालकता10. समन्वय बंधन इसमें उपस्थित है:
A. HCl B. NH₄⁺ C. NaCl D. O₂ **उत्तर:** B. NH₄⁺ **शॉर्टकट:** एक परमाणु दोनों e⁻ दान करता है (N→H⁺). **टैग:** समन्वय बंधन11. दो क्लोरीन परमाणुओं के बीच बना बंधन है:
A. आयनिक B. धात्विक C. अध्रुवी सहसंयोजक D. ध्रुवी सहसंयोजक **उत्तर:** C. अध्रुवी सहसंयोजक **शॉर्टकट:** समान परमाणु → समान साझाकरण → अध्रुवी. **टैग:** बंधन ध्रुवता12. कौन-सा समूह केवल सहसंयोजक यौगिक रखता है?
A. NaCl, KBr B. H₂O, CO₂ C. MgO, CaF₂ D. NH₃, Na₂O **उत्तर:** B. H₂O, CO₂ **शॉर्टकट:** अधातु + अधातु → सहसंयोजक. **टैग:** यौगिक प्रकार13. C₂H₆ में एकल सहसंयोजक बंधनों की संख्या:
A. 5 B. 6 C. 7 D. 8 **उत्तर:** C. 7 (1 C–C + 6 C–H) **शॉर्टकट:** संरचना बनाओ और गिनो. **टैग:** बंधन गिनती14. “इलेक्ट्रॉन सागर” मॉडल समझाता है:
A. NaCl B. ग्रेफाइट C. कॉपर D. बर्फ **उत्तर:** C. कॉपर **शॉर्टकट:** धातुएँ → e⁻ का सागर → चालकता. **टैग:** धात्विक बंधन15. सही कथन:
A. आयनिक यौगिकों का गलनांक कम होता है B. सहसंयोजी ठोस विद्युत चालन करते हैं C. धात्विक आबंध दिशात्मक होते हैं D. सहसंयोजी आबंध दिशात्मक होते हैं **उत्तर:** D. सहसंयोजी आबंध दिशात्मक होते हैं **शॉर्टकट:** केवल सहसंयोजी आबंधों के स्थिर कोण होते हैं। **टैग:** आबंध गुणस्पीड ट्रिक्स
| परिस्थिति | शॉर्टकट | उदाहरण |
|---|---|---|
| धातु + अधातु | आयनिक आबंध, इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण | NaCl |
| ΔEN >1.7 | आयनिक; ΔEN <1.7 | HCl |
| σ आबंध गिनें | एकल=1, द्वि=1σ+1π, त्रि=1σ+2π | C₂H₄ → 5σ |
| संकरण | आबंध युग्म + एकाकी युग्म = 2(sp), 3(sp²), 4(sp³) | NH₃: 3+1=4 → sp³ |
| अष्टक अपवाद | B, Be, Al या विषम e⁻ प्रजातियों वाले अणु | NO, BF₃ |
त्वरित संशोधन
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| 1 | आयनिक यौगिक केवल गलित या जलीय अवस्था में ही चालन करते हैं। |
| 2 | सहसंयोजी यौगिकों का गलनांक/क्वथनांक कम होता है और चालन क्षमता कमजोर होती है। |
| 3 | अधिक जालक ऊर्जा → आयनिक ठोस का अधिक गलनांक। |
| 4 | विद्युत्ऋणात्मकता: F(4.0) > O(3.5) > N(3.0) > Cl(3.0)। |
| 5 | sp संकरण → रेखीय (180°), sp² → त्रिभुजीय समतलीय (120°), sp³ → चतुष्फलकीय (109.5°)। |
| 6 | बंध कोण क्रम: sp (180°) > sp² (120°) > sp³ (109.5°)। |
| 7 | समन्वय बंध = दाता बंध; तीर (→) दाता से ग्राही की ओर। |
| 8 | अनुनाद अणुओं को स्थिर करता है; उदा., O₃, CO₃²⁻। |
| 9 | फाजन का नियम: सहसंयोजी प्रकृति ∝ आवेश²/(धनायन आकार)। |
| 10 | ग्रेफाइट परतों के भीतर विस्थापित π-इलेक्ट्रॉनों के कारण चालन करता है। |