स्वचालित सिग्नलिंग

स्वचालित सिग्नलिंग – रेलवे जीके कैप्सूल

1. स्वचालित सिग्नलिंग क्या है?

स्वचालित सिग्नलिंग एक ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है जिसमें सिग्नल स्वचालित रूप से संचालित होते हैं ट्रैक पर कब्जे और ट्रेन की चाल के आधार पर, स्टेशन मास्टर या लीवरमैन के मैनुअल हस्तक्षेप के बिना
यह भारतीय रेलवे पर फिक्स्ड-ब्लॉक सिग्नलिंग का उच्चतम ग्रेड है और स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग (ABS) के समतुल्य है।


2. तकनीकी मूल तत्व

पैरामीटर विनिर्देश (भारतीय रेलवे)
ब्लॉक प्रणाली स्वचालित ब्लॉक (ABS)
ट्रैक सर्किट 50 V DC / AC ट्रैक सर्किट (FIAT/GEE निर्मित)
सिग्नल पहलू 4-पहलू रंग-बत्ती (MACL)
ब्रेकिंग दूरी क्रमिक सिग्नलों के बीच अधिकतम 1.2 किमी
ढलान क्षतिपूर्ति ±0.4 % विशेष ब्रेकिंग तालिका के बिना स्वीकार्य
ओवरलैप स्टॉप सिग्नल से 120 मी आगे
सिग्नल अंतराल समभूमि पर 1 किमी ± 200 मी
एक्सल काउंटर प्रावधान विद्युतीकृत खंडों में बैक-अप के रूप में प्रदान
फेल-सेफ सिद्धांत “राइट-साइड फेल्यर” – सिग्नल RED पर फेल होते हैं
अधिकतम अनुमत गति 160 किमी/घंटा (राजधानी कॉरिडोर)
ट्रेन पहचान ट्रैक सर्किट + TPR ड्रॉप
रिमोट हेल्थ मॉनिटरिंग T-IPIS (TMS) और REMMLOT माइक्रोप्रोसेसर लॉगर्स

3. ऐतिहासिक मील के पत्थर

वर्ष घटना
1928 बॉम्बे–पूना खंड (GIPR) पर पहला स्वचालित संकेत शुरू – 5 किमी
1957 ऑल-इलेक्ट्रिक 25 kV खंड (हावड़ा–बर्दवान) को 50 V DC ट्रैक-सर्किटेड ABS से सुसज्जित किया गया
1986 केंद्रीकृत ट्रैफिक नियंत्रण (CTC) दिल्ली–अंबाला पर शुरू
1998 राजधानी कॉरिडोर (NDLS–CNB–MGS) को 160 किमी/घंटा ABS के साथ 1 किमी अंतराल पर अपग्रेड किया गया
2003 FIAT ब्रांड का जॉइंटलेस ट्रैक सर्किट इटली से आयात किया गया
2012 RDSO ने “ऑटो सिग्नलिंग 2012” मैनुअल को मानकीकृत किया
2018 घाट-खंड ABS करजत–लोनावला (58 किमी) पर शुरू – सबसे ढलान 1:37
2022 “कवच के साथ स्वचालित संकेतन” पायलट सिकंदराबाद–वाड़ी (165 किमी) पर – ABS पर ATP का पहला ओवरले

4. स्वचालित संकेतन के उप-प्रणाली

  1. ट्रैक सर्किट – ट्रेन की उपस्थिति का पता लगाता है; 50 V DC प्रतिरोध ≥ 10 Ω-km.
  2. संकेत इकाई – LED क्लस्टर कलर-लाइट, 110 V DC, 10 mcd प्रकाश तीव्रता.
  3. रिले इंटरलॉकिंग – Q-स्टाइल प्लग-इन रिले (QRJ, QSPA, QBCA).
  4. पावर सप्लाई – 110 V DC बैटरी फ्लोट-चार्ज; 30 मिनट बैक-अप.
  5. केबल नेटवर्क – 0.9 मिमी × 4 क्वाड P-44 सिग्नलिंग केबल, स्क्रीन्ड.
  6. ब्लॉक इंटरफेस – एक स्टेशन का अंतिम संकेत अगले स्टेशन के पहले संकेत को नियंत्रित करता है – “ब्लॉक बंद करने की आवश्यकता नहीं” सिद्धांत.

5. संचालन नियम (GR&SR)

  • GR 8.09 – स्वचालित क्षेत्र “पूर्ण निरोध” है; चालक को “लाइन-क्लियर” प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं।
  • SR 7.14 – स्वचालित क्षेत्र में “प्रोसीड” पहलू अगले स्टेशन तक पटरी साफ होने की गारंटी नहीं देता; केवल अगले सिग्नल तक।
  • सावधानी आदेश – ABS खंड में ट्रैक-मशीनों के लिए 30 किमी/घंटा की स्थायी गति प्रतिबंध।
  • टोकनरहित – कोई भौतिक “स्टाफ” या “टोकन” आवश्यक नहीं; टोकनरहित ब्लॉक उपकरण केवल आपातकाल के लिए दिए गए हैं।

6. लाभ और सीमाएँ

लाभ
✓ लाइन क्षमता ↑ 15–20 % (न्यूनतम 2½ मिनट हेडवे)।
✓ सिग्नल क्लियर करने के लिए स्टेशन स्टाफ की आवश्यकता नहीं।
“स्किप-स्टॉपिंग” और “ग्रीन-वेव” चलने की अनुमति देता है।

सीमाएँ
✗ महंगा – ₹ 2.5 करोड़ प्रति रूट किमी (2023 अनुमान)।
सिंगल-लाइन या कम-घनत्व वाले खंडों (घनत्व < 5 ट्रेन/दिन) के लिए आर्थिक नहीं।
✗ मानसून में बैलास्ट प्रतिरोध गिरावट के प्रति संवेदनशील।


7. वर्तमान स्थिति (2024)

  • रूट किमी सुसज्जित: 6,840 Rkm (≈ IR नेटवर्क का 10 %)
  • जोनल अग्रणी: WR (1,450 किमी), CR (1,200 किमी), NR (1,100 किमी)
  • आगामी कॉरिडोर:
    वडोदरा–अहमदाबाद (3rd लाइन) – 2025
    हावड़ा–खड़गपुर (4th लाइन) – ABS + कवच के अंतर्गत
  • RDSO आदेश: सभी 160 किमी/घंटा वाले मार्गों पर 2030 तक ABS + कवच अनिवार्य है।

8. क्विक-फायर तथ्य (मेमोरी हुक्स)

  • “लाल-पीला-हरा-पीला” – 4-पहलू अनुक्रम; दोहरा-पीला “सावधानी” है न कि “ध्यान”।
  • “120 मी” – ओवरलैप लंबाई; “1 किमी” – सिग्नल अंतराल; “50 वोल्ट” – ट्रैक सर्किट वोल्टेज।
  • “1928 बॉम्बे–पूना” – पहला ABS; “2022 सिकंदराबाद–वाडी” – पहला कवच ओवरले।
  • “ब्लॉक बंद करने की आवश्यकता नहीं”“पूर्ण ब्लॉक” से मैनुअल क्षेत्र में प्रमुख अंतर है।

MCQ – स्वचालित सिग्नलिंग

1. स्वचालित क्षेत्र में, स्टॉप सिग्नल से परे न्यूनतम ओवरलैप प्रदान किया जाता है **उत्तर:** 120 मी
2. भारतीय रेलवे पर पहली स्वचालित सिग्नलिंग किस वर्ष हुई? **उत्तर:** 1928
3. ABS में डीसी ट्रैक सर्किट के लिए सामान्यतः उपयोग किया जाने वाला वोल्टेज है **उत्तर:** 50 वोल्ट
4. राजधानी ABS कॉरिडोर पर अधिकतम अनुमत गति है **उत्तर:** 160 किमी/घंटा
5. निम्नलिखित में से कौन-सा खंड ABS पर कवच ओवरले से लैस होने वाला पहला था? **उत्तर:** सिकंदराबाद–वाडी
6. वह पहलू जो 1 किमी दृश्यता के साथ 160 किमी/घंटा की अनुमति देता है, है **उत्तर:** हरा
7. 4-पहलू सिग्नलिंग में, दोहरा पीला दर्शाता है **उत्तर:** सावधानी – अगला सिग्नल पीले पर है
8. स्वचालित सिग्नलिंग सबसे अधिक आर्थिक उन खंडों के लिए है जहाँ न्यूनतम ट्रैफ़िक घनत्व होता है **उत्तर:** प्रति दिशा प्रति दिन 10–12 ट्रेनें
9. ABS में फेल-सेफ़ सिद्धांत की मांग है कि जब उपकरण विफल हो, तो सिग्नल **उत्तर:** स्वचालित रूप से लाल हो जाएँ
10. ABS में ट्रैक सर्किट अधिभोग पहचान के लिए कौन-सा रिले प्रयुक्त होता है? **उत्तर:** QBCA
11. भारतीय रेलवे पर ABS प्रदान करने की लगभग लागत (2023) है **उत्तर:** ₹ 2.5 करोड़ प्रति रूट किमी
12. क्रमिक सिग्नलों के बीच विचार किया गया ब्रेकिंग अंतराल है **उत्तर:** 1.2 किमी
13. 2024 तक स्वचालित सिग्नलिंग रूट किलोमीटर में कौन-सा ज़ोन अग्रणी है? **उत्तर:** पश्चिम रेलवे
14. वह मैनुअल जो स्वचालित सिग्नलिंग अभ्यास को मानकीकृत करता है, है **उत्तर:** ऑटो सिग्नलिंग 2012 (RDSO)
15. ABS वाला पहला घाट खंड है **उत्तर:** कर्जत–लोनावला
16. ABS क्षेत्र में चालक को निम्नलिखित में से किसकी आवश्यकता नहीं होती? **उत्तर:** लाइन क्लियर
17. विद्युतीकृत ABS खंडों में प्रदान किया गया बैक-अप ट्रेन पहचान उपकरण है **उत्तर:** एक्सल काउंटर