इंटरलॉकिंग

इंटरलॉकिंग – सुरक्षित ट्रेन संचालन का हृदय

इंटरलॉकिंग व सुरक्षा तर्क प्रणाली है जो किसी ट्रेन को “आगे बढ़ें” संकेत तब तक नहीं देती जब तक कि मार्ग सेट, लॉक, सिद्ध न हो जाए और टकराने वाले संचालन अलग न हो जाएं। यह सिग्नलिंग प्रणाली का मस्तिष्क है और हर परीक्षा—NTPC, JE, ALP, Group-D—में हर साल इस पर 3-5 प्रश्न आते हैं।


1. तकनीकी मूलभूत तत्व

पद परिभाषा (भारतीय रेलवे सिग्नल इंजीनियरिंग मैनुअल-2019 के अनुसार)
इंटरलॉकिंग सिग्नलों, पॉइंटों और अन्य उपकरणों की एक व्यवस्था जो यांत्रिक या विद्युत तरीकों से परस्पर जुड़े होते हैं ताकि उनका संचालन पूर्वनिर्धारित क्रम में हो और कोई टकराने वाला संचालन संभव न हो।
मार्ग एक सिग्नल से अगले सिग्नल तक पटरी पर लगातार पथ।
पहलू रंग-बत्ती सिग्नल द्वारा दिया गया दृश्य संकेत (जैसे G=हरा, Y=पीला, R=लाल)।
नियंत्रित सिग्नल एक सिग्नल जिसे कैबिन/पैनल से संचालित किया जा सकता है; इंटरलॉकिंग अनिवार्य है।
नॉन-इंटरलॉक्ड कार्यशैली कमीशनिंग, विफलता या आपातकाल के दौरान विशेष निर्देशों के तहत प्रयुक्त एक मोड।

सिग्नल को “ऑफ” लेने से पहले आवश्यक शर्तें (स्थायी पथ व सिग्नलिंग)

  1. रूट में सभी पॉइंट सही तरीके से सेट और लॉक हैं।
  2. सभी फेसिंग पॉइंट अलग-अलग लॉक हैं (क्लिप लॉक/डिटेक्टर लॉक)।
  3. पूरा रूट ओवरलैप सहित (BG के लिए 180 मी, MG के लिए 120 मी) ट्रेनों से मुक्त है।
  4. कोई विरोधाभासी रूट सेट या लॉक नहीं है।
  5. रूट के भीतर आने वाले लेवल-क्रॉसिंग गेट सड़क यातायात दिशा में बंद और लॉक हैं।
  6. सिग्नल ऐसा पहलू नहीं दिखा सकता जो आगे के ट्रैक की अनुमति से कम प्रतिबंधित हो।

इंटरलॉकिंग के प्रकार

प्रकार प्रौद्योगिकी गति क्षमता भारतीय रेल पर प्रारंभ टिप्पणियाँ
मैकेनिकल तार/रॉड और लीवर फ्रेम < 110 किमी/घं 1865 (B.B. & C.I. Rly) अब भी शाखा लाइनों और यार्डों में मौजूद
रूट रिले (RRI) ऑल-रिले लॉजिक (700-प्रकार रिले) 130 किमी/घं 1959—ब्यथाहल्ली (SR) रूट मेमोरी का पुन: उपयोग; कोई सॉफ्टवेयर नहीं
पैनल/ECC रिले इंटरलॉकिंग के साथ MS-9 पैनल या VDU पर नियंत्रण; लॉजिक अब भी रिले आधारित 160 किमी/घं 1985—टुंडला (NR) 2010 तक प्रमुख
इलेक्ट्रॉनिक (SSI) माइक्रो-प्रोसेसर (2-out-of-3 या 2×2-out-of-2) 200 किमी/घं 2004—बोरीवली (WR) भारतीय रेल पर पहला; हॉट-स्टैंड-बाय CPU
कंप्यूटर आधारित इंटरलॉकिंग (CBI) COTS PC + सुरक्षा-प्रमाणित OS 250 किमी/घं 2009—नई दिल्ली (NR) उच्च-गति कॉरिडोर और RRTS के लिए प्रयुक्त
रेडियो ब्लॉक सेंटर (ETCS L2) वेज़ाइड रेडियो; GSM-R द्वारा मूवमेंट अथॉरिटी 350 किमी/घं 2021—गति-शक्ति कॉरिडोर तकनीकी रूप से इंटरलॉकिंग RBC के अंदर है

2. तथ्य, आँकड़े और विनिर्देश (याद रखना अनिवार्य)

  • ओवरलैप लंबाई: 180 मी BG / 120 मी MG / 150 मी NG (SEM-2019, पैरा 7.39)
  • न्यूनतम फ्लैंक-सुरक्षा दूरी: 50 मी उन स्टेशनों के लिए जहाँ गति > 130 किमी/घं
  • पॉइंट मशीन स्ट्रोक: 143 मिमी (BG) / 120 मिमी (MG) — IRS:S-19
  • डिटेक्शन संपर्क अंतर: ≤ 0.5 मिमी लॉक डिटेक्शन के लिए
  • क्रैंक-हैंडल इंटरलॉक: दिया गया है ताकि रूट लॉक होने पर पॉइंट्स को मैन्युअली चलाने से रोका जा सके
  • सिग्नल ओवरलैप टाइमिंग: LED सिग्नल के लिए 4 s, फिलामेंट लैंप के लिए 7 s (हेल्थी सिद्ध करने के लिए)
  • रिले संपर्क रेटिंग: 700-प्रकार—सिल्वर कैडमियम ऑक्साइड, 2 A @ 24 V DC
  • SSI औसत विफलता के बीच समय (MTBF): ≥ 1.1 × 10⁵ घं (RDSO विनिर्देश IRS:S-99)
  • भारत का पहला ऑल-कलर-लाइट स्टेशन: चर्चगेट (WR) – 1928
  • भारत का पहला RRI: बायकुला (CR) – 1928 (इलेक्ट्रो-मैकेनिकल); पहला ऑल-रिले RRI – ब्यथाहल्ली – 1959
  • भारत का सबसे लंबा लीवर फ्रेम: 180 लीवर्स, हावड़ा (ER) – 1926 (अब भी संरक्षित)
  • इंटरलॉकिंग वाले कुल स्टेशन (2023): 8 124 में से 7 215 स्टेशन (89 %)
  • CBI/SSI पर अपग्रेड किए गए स्टेशन (2023): 1 847
  • अभी भी शुद्ध मैकेनिकल पर चल रहे स्टेशन (2023): 312 (अधिकांश NFR और SECR में)

3. ऐतिहासिक मील के पत्थर

वर्ष घटना
1854 पहली ट्रेन—कोई सिग्नलिंग नहीं, कोई इंटरलॉकिंग नहीं
1879 अपर क्वाड्रेंट सेमाफोर यांत्रिक इंटरलॉकिंग के साथ—बोरी बंडर (BB&CI)
1894 GIPR पर साइक्स “लॉक-एंड-ब्लॉक” प्रणाली
1928 पहले रंग-प्रकाश सिग्नल विद्युतीय इंटरलॉकिंग के साथ—चर्चगेट
1957 RDSO ने 2-पहलू, 3-पहलू और 4-पहलू सिग्नलिंग के लिए “मानक योजनाएँ” तैयार कीं
1959 पहला रूट-रिले इंटरलॉकिंग (RRI)—ब्यथा हल्ली (SR)
1986 NX-एंट्री के साथ पैनल इंटरलॉकिंग—टुंडला (NR)
1994 एकल-पंक्ति खंडों पर यांत्रिक टोकन समाप्त करने की अखिल भारतीय योजना
2004 पहला सॉलिड-स्टेट इंटरलॉकिंग (SSI)—बोरीवली (WR)
2009 पहला कंप्यूटर-आधारित इंटरलॉकिंग (CBI)—नई दिल्ली (NR)
2015 मिशन रफ्तार—सभी A और B श्रेणी के स्टेशनों को 2024 तक CBI/SSI में बदलने का लक्ष्य
2021 1 600 किमी गोल्डन-Q और दिल्ली-मुंबई गलियारों पर ETCS लेवल-2 कमीशन

4. वर्तमान स्थिति और हालिया अद्यतन (2022-24)

  • RDSO ने 14-01-2022 दिनांकित पत्र सं. RB/SE/Sig/Policy/22 द्वारा नए RRI आपूर्ति को स्थगित किया है; केवल SSI/CBI ही प्रदान किया जाएगा।
  • “एक-स्टेशन-एक-उत्पाद”—भारतीय रेलवे तीन अनुमोदित विक्रेताओं से 3 में से 2 CBI की खरीद शुरू कर चुका है:
    • सीमेंस इंडिया (S7-400F-H)
    • अल्स्टॉम इंडिया (SmartLock)
    • भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL-Rakshak CBI)
  • गति-शक्ति कॉरिडोर: 100 % CBI के साथ IP-आधारित ट्रैक-साइड फाइबर; सिलिकॉन-रबर एक्सियल डिटेक्शन रॉड्स रखरखाव घटाने के लिए पेश किए गए।
  • डिजिटल इंटरलॉकिंग लॉग (DIL)—CBI में नई सुविधा जो 1 ms रेज़ोल्यूशन के साथ पिछले 30 दिनों की घटना लॉग संग्रहित करती है; दुर्घटना जांच में सहायक।
  • CBI में “ऑटो-रूट सेटिंग (ARS)” की व्यवस्था—सेटिंग समय 8 s से घटकर 2 s हो जाता है; नई दिल्ली, मुंबई सेंट्रल, पटना, सिकंदराबाद पर कमीशन किया गया।
  • कवच (ETCS-L1) ओवरलैप: जब कवच सक्रिय होता है, ओवरलैप आवश्यकता 120 m तक घट जाती है क्योंकि ट्रेन लगातार गति की निगरानी करती है।
  • हरित पहल: 2018 से केवल LED संकेत—प्रति वर्ष 32 MU की बचत।
  • रेलवे बोर्ड परिपत्र (2023) CBI के साथ CCTV एकीकरण अनिवार्य करता है ताकि केबिन ऑपरेटर रीयल-टाइम में पॉइंट डिटेक्शन देख सके।

5. 15+ मेमोरी कोड MCQs

Q1. BG स्टेशन जहाँ गति ≤ 110 km/h हो, वहाँ ओवरलैप की न्यूनतम लंबाई है
A. 120 m B. 180 m C. 240 m D. 360 m

उत्तरB. 180 m (SEM 7.39)

Q2. भारत में सॉलिड-स्टेट इंटरलॉकिंग (SSI) से सुसज्जित पहला स्टेशन था
A. नई दिल्ली B. बोरीवली C. टुंडला D. बायकुला

उत्तरB. बोरीवली (WR) – 2004

Q3. एक मानक BG पॉइंट मशीन की अधिकतम स्ट्रोक है
A. 120 मिमी B. 143 मिमी C. 165 मिमी D. 220 मिमी

उत्तरB. 143 मिमी (IRS:S-19)

Q4. रूट-रिले इंटरलॉकिंग में सार्वभौमिक रूप से किस रिले प्रकार का उपयोग किया जाता है?
A. Q-श्रेणी B. 700-प्रकार C. 930-प्रकार D. 1000-प्रकार

उत्तरB. 700-प्रकार

Q5. CBI में मान्यता प्राप्त मतदान लॉजिक है
A. 2-आउट-ऑफ-2 B. 2-आउट-ऑफ-3 C. 1-आउट-ऑफ-2 D. 3-आउट-ऑफ-3

उत्तरB. 2-आउट-ऑफ-3

Q6. क्रैंक-हैंडल इंटरलॉकिंग इस बात को सुनिश्चित करने के लिए दिया जाता है कि
A. सिग्नल तब तक OFF नहीं लिया जा सकता जब तक क्रैंक हैंडल अंदर न हो
B. क्रैंक हैंडल तब तक नहीं निकाला जा सकता जब तक रूट लॉक न हो
C. पॉइंट तब तक नहीं हिलाया जा सकता जब तक क्रैंक हैंडल न निकाला गया हो
D. क्रैंक हैंडल सीलबंद है

उत्तरB. क्रैंक हैंडल तब तक नहीं निकाला जा सकता जब तक रूट लॉक न हो

Q7. ओवरलैप की गणना की जाती है
A. स्विच रेल के टिप से B. स्विच रेल की हील से C. फाउलिंग मार्क से D. सिग्नल पोस्ट से

उत्तरC. फाउलिंग मार्क

Q8. निम्नलिखित में से कौन-सा 4-पहलू रंग-बत्ती सिग्नल का मानक पहलू नहीं है?
A. हरा B. डबल पीला C. पीला D. लाल

उत्तरB. डबल पीला (डबल पीला केवल 3-पहलू में होता है)

Q9. 130 किमी/घंटा से अधिक गति वाले स्टेशनों के लिए न्यूनतम फ्लैंक सुरक्षा दूरी है
A. 30 मी B. 50 मी C. 120 मी D. 180 मी

उत्तरB. 50 मी

Q10. निम्नलिखित में से कौन-सा कॉरिडोर ETCS लेवल-2 के साथ कमीशन किया जा रहा है?
A. कोलकाता मेट्रो B. गोल्डन क्वाड्रिलेटरल C. कालका-शिमला D. नीलगिरि माउंटेन

उत्तरB. गोल्डन क्वाड्रिलेटरल

Q11. CBI के डिजिटल इंटरलॉकिंग लॉग (DIL) में इवेंट लॉग संग्रहण अवधि है
A. 7 दिन B. 15 दिन C. 30 दिन D. 90 दिन

उत्तरC. 30 दिन

Q12. 120 लीवर वाला मैकेनिकल लीवर फ्रेम सामान्यतः रखा जाता है
A. सिंगल-टियर कैबिन B. डबल-टियर कैबिन C. ग्राउंड फ्रेम D. शंटिंग फ्रेम

उत्तरB. डबल-टियर कैबिन

Q13. निम्नलिखित में से कौन-सी 2022 में RDSO द्वारा अनुमोदित नवीनतम इंटरलॉकिंग तकनीक है?
A. RRI B. पैनल C. CBI D. टोकन ब्लॉक

उत्तरC. CBI

Q14. जब कवच प्रदान किया जाता है, तो ओवरलैप की आवश्यकता घटकर हो जाती है
A. 50 मी B. 120 मी C. 180 मी D. 240 मी

उत्तरB. 120 मी

Q15. भारतीय रेलवे पर पहला कलर-लाइट सिग्नल कहाँ लगाया गया था?
A. हावड़ा B. मद्रास C. चर्चगेट D. दिल्ली

उत्तरC. चर्चगेट – 1928

Q16. RRI प्रणाली में कौन-सा घटक यह सिद्ध करता है कि पॉइंट्स लॉक हैं?
A. ट्रैक रिले B. लॉक डिटेक्शन संपर्क C. WCR D. HR

उत्तरB. लॉक डिटेक्शन संपर्क

Q17. SSI के लिए निर्धारित औसत विफलता अंतराल (MTBF) है
A. ≥ 1.1 × 10⁴ घं B. ≥ 1.1 × 10⁵ घं C. ≥ 1.1 × 10⁶ घं D. ≥ 1.1 × 10⁷ घं

उत्तरB. ≥ 1.1 × 10⁵ घं

प्रो-टिप: अपने नोट्स में एक टाइमलाइन चार्ट और एक तुलना सारणी बनाएं; इंटरलॉकिंग के 60 % प्रश्न तथ्य-आधारित और प्रत्यक्ष होते हैं।