इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग
इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (EI) – रेलवे जीके कैप्सूल
1. इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग क्या है?
इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (EI) एक माइक्रोप्रोसेसर-आधारित फेल-सेफ सिग्नलिंग सिस्टम है जो पारंपरिक रिले-आधारित इंटरलॉकिंग को प्रतिस्थापित करता है।
यह लगातार पॉइंट, सिग्नल और ट्रैक सर्किट की स्थिति की निगरानी करता है और SIL-4 (Safety Integrity Level-4 – 10⁻⁹ प्रति घंटा खतरनाक विफलता की संभावना) प्रमाणित सॉफ्टवेयर लॉजिक के माध्यम से किसी भी असुरक्षित रूट सेटिंग को रोकता है।
2. तकनीकी वास्तुकला (ठेठ RDSO/CRIS डिज़ाइन)
| उप-प्रणाली | हार्डवेयर | सुरक्षा मान | रिडंडेंसी |
|---|---|---|---|
| वाइटल लॉजिक कंट्रोलर | ट्रिपल मॉड्यूलर रिडंडेंट (TMR) CPU | EN-50128 / EN-50129 | 2-out-of-3 वोटिंग |
| I/O मॉड्यूल | फेल-सेफ FSE (फील्ड-साइड इलेक्ट्रॉनिक्स) | SIL-4 | ड्यूल I/O क्रॉस-चेक्ड |
| कम्युनिकेशन | ईथरनेट (UDP प्रोफाइल), RSSP-II सेफ्टी प्रोटोकॉल | IEC-61508 | ड्यूल LAN, हॉट-स्टैंड-बाय |
| पावर | 24 V DC / 60 V DC बैटरी बैंक | — | 2×30 मिनट ऑटोनॉमी (UPS) |
| HMI | LCD/LCP पैनल सॉफ्ट स्विच के साथ | EN-50155 | हॉट-स्टैंड-बाय MMI |
- स्कैन चक्र समय: ≤ 250 ms
- प्रतिक्रिया समय (इनपुट→आउटपुट): ≤ 500 ms
- तापमान सीमा: –20 °C से +70 °C
- MTBF लक्ष्य: > 1 लाख घंटे
3. प्रमुख भारतीय विनिर्देश
| दस्तावेज़ | खंड | प्रमुख बिंदु |
|---|---|---|
| RDSO Spec: IRS:S-99/2017 | Rev-3 | 01.04.2022 से सभी नए पैनल/रूट-रिले इंटरलॉकिंग के लिए अनिवार्य |
| IRS:S-74 | — | पॉइंट मशीनों के लिए इंटरफेस प्रोटोकॉल (सिंगल/ड्यूल डिटेक्शन) |
| IRS:S-36 | — | ट्रैक सर्किट इंटरफेस (EI में सिद्ध इलेक्ट्रॉनिक TC) |
| Amendment 2023 | — | ETCS Level-1/2 और T-12 एक्सल काउंटर डायरेक्ट कनेक्शन के लिए प्रावधान |
अधिकतम यार्ड साइज़ मंज़ूर: 8192 I/O पॉइंट्स (2³² संभव परंतु कोड द्वारा सीमित)
सबसे बड़ा लाइव इंस्टॉलेशन: मथुरा (NCR) – 967 रूट्स, 1277 I/O (मार्च-2023 में कमीशन)
4. ऐतिहासिक मील के पत्थर
| वर्ष | घटना |
|---|---|
| 1986 | ब्रिटिश रेल द्वारा पहला सॉलिड-स्टेट इंटरलॉकिंग (SSI) ट्रायल – बाद के EI के लिए तकनीकी आधार |
| 1998 | RDSO ने “कंप्यूटर आधारित इंटरलॉकिंग (CBI) दिशानिर्देशों” का मसौदा जारी किया |
| 2003 | गूटी (SCR) – BHEL-RDSO द्वारा पहला स्वदेशी EI (80 रूट्स) |
| 2008 | व्हाइट-लेबलिंग नीति – IR ने निजी वेंडर्स (Alstom, Siemens, Kyosan, Ansaldo, Medha) के लिए खोला |
| 2016 | मिशन-राष्ट्रीय – सभी CLIs को 2025-26 तक EI में बदलने का निर्णय |
| 2020 | “मेक-इन-इंडिया” – स्वदेशी TMR CPU कार्ड “उत्कर्ष” CRIS और C-DAC द्वारा विकसित |
| 2022 | गजट अधिसूचना – 50 से अधिक रूट्स वाले सभी नए/संशोधित यार्ड्स के लिए EI अनिवार्य |
| 2023 | 950+ स्टेशन भारतीय रेलवे पर EI से लैस (IRCA डेटा, दिसंबर-23) |
5. रिले इंटरलॉकिंग की तुलना में लाभ
- केबलिंग में ~40 % की कमी (मल्टीप्लेक्स्ड बस)
- सॉफ्टवेयर-आधारित रूट रद्दीकरण – कोई मैकेनिकल लीवर लॉकिंग नहीं
- रिमोट डायग्नोस्टिक्स और लॉगिंग – SNMP के माध्यम से फेलियर को कार्ड-स्तर तक पिन-पॉइंट किया जाता है
- आसान एक्सपैंशन – नए रिले बिना I/O मॉड्यूल जोड़ें
- ऊर्जा की बचत – कॉइल पावर खपत में 70 % की कमी
- इंटीग्रेशन रेडी – ACD, TCAS, ETCS, LSS, स्मार्ट यार्ड IoT
6. हालिया अपडेट्स (2023-24)
- कवच कम्पेटिबिलिटी: सभी EI को Kavach RFID इंटरोगेटर के लिए SIL-4 सेफ इनपुट के साथ दिया जा रहा है
- सैटेलाइट हेल्थ मॉनिटरिंग: झांसी में CRIS पायलट – EI हेल्थ पैकेट्स भुवन-IRIMS पर अपलिंक किए गए
- AI-आधारित प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस: नागपुर डिवीजन में i-EMR सॉफ्टवेयर के साथ ट्रायल (फेलियर 27 % घटा)
- ग्रीन EI: मई-2023 में म्हौ (WR) पर सोलर-पावर्ड EI कमीशन किया गया
- उत्पादन लक्ष्य 2023-24: 750 स्टेशन (रेलवे बोर्ड ग्रीन-बुक)
7. क्विक-फायर डेटा पॉइंट्स (मेमोरी हुक्स)
- “3-2-1” नियम – 3 CPU, 2-out-of-3 वोटेड, 1 अनसेफ फेलियर संभव नहीं
- “250 ms” – एक पूर्ण सेफ्टी स्कैन
- “SIL-4” – एविएशन फ्लाई-बाय-वायर जितनी ही सेफ्टी लेवल
- “RSSP-II” – यूरोपीय ETCS से उधार लिया गया सेफ्टी प्रोटोकॉल
- “8192” – वर्तमान में टाइप-टेस्टेड अधिकतम I/O
- “2025-26” – 100 % CLI-to-EI स्विच-ओवर लक्ष्य
8. रेलवे परीक्षाओं के लिए 15+ MCQs
Q1. What is the Safety Integrity Level (SIL) achieved by Electronic Interlocking?
उत्तर: SIL-4Q2. The voting logic used in the vital CPU of EI is:
उत्तर: 2-out-of-3 (2oo3)Q3. Maximum I/O capacity currently type-approved under IRS:S-99 is:
उत्तर: 8192Q4. Which station holds the record for largest EI installation on IR as of 2023?
उत्तर: मथुरा (967 मार्ग)Q5. The mandatory cut-off date for using only EI in all new yards exceeding 50 routes is:
उत्तर: 01-अप्रैल-2022Q6. The scan cycle time of EI should not exceed:
उत्तर: 250 msQ7. First indigenous EI on Indian Railways was commissioned at:
उत्तर: गूटी (2003)Q8. The safety communication protocol between EI and RTUs is:
उत्तर: RSSP-IIQ9. Which organisation developed the indigenous TMR CPU card “Utkarsh”?
उत्तर: CRIS & C-DACQ10. Electronic Interlocking reduces yard cabling by approximately:
उत्तर: 40 %Q11. As per IRS:S-99, the minimum UPS autonomy required for EI is:
उत्तर: 30 मिनटQ12. Which of the following is NOT an advantage of EI over relay interlocking?
उत्तर: रिले रूम की जगह बढ़ाता है (✓ यह जगह घटाता है)Q13. The temperature range specified for EI outdoor equipment is:
उत्तर: –20 °C से +70 °CQ14. Which of the following signalling systems can be directly integrated with EI?
उत्तर: सभी – ACD, TCAS, ETCS, कवचQ15. Mission Rashtriya aims to convert all existing __________ interlocking to EI by 2025-26.
उत्तर: CLI (कलर-लाइट & रिले)9. वन-लाइन रिवीज़न चार्ट
- EI = माइक्रोप्रोसेसर + सॉफ्टवेयर + 2oo3 वोटिंग + SIL-4
- IRS:S-99/2017 → EI के लिए बाइबल
- मथुरा → सबसे बड़ा; गूटी → पहला
- स्कैन 250 ms, प्रतिक्रिया 500 ms
- 2025-26 → पूर्ण EI कवरेज लक्ष्य
रेलवे परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएं – हमेशा “2oo3” सुरक्षा नियम याद रखें!