न्यायतंत्र
सर्वोच्च न्यायालय - संवैधानिक प्रावधान
संविधान अनुच्छेद: अनुच्छेद 124
- स्थापना: भारत का सर्वोच्च न्यायालय संविधान के अनुच्छेद 124 के तहत स्थापित किया गया है।
- संरचना:
- भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI)
- 8 अन्य न्यायाधीश (अनुच्छेद 124(2) के अनुसार)
- कार्यकाल:
- न्यायाधीश 65 वर्ष की आयु तक पद पर बने रहते हैं (124(2)(a) के अनुसार)
- नियुक्ति:
- भारत के राष्ट्रपति द्वारा भारत के मुख्य न्यायाधीश और सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठतम न्यायाधीश के परामर्श से नियुक्त किए जाते हैं (अनुच्छेद 124(2)(b) के अनुसार)
- हटाना:
- दुराचरण या अयोग्यता के आधार पर सर्वोच्च न्यायालय की जांच के बाद राष्ट्रपति द्वारा हटाया जा सकता है (अनुच्छेद 124(4) के अनुसार)
- शक्तियां:
- मूल, अपीलीय और सलाहकार अधिकार क्षेत्र
- महत्वपूर्ण तिथियां:
- 1950: सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना 28 जनवरी 1950 को हुई
- 1973: केसवानंद भारती बनाम केरल राज्य ने मूल संरचना सिद्धांत की स्थापना की
- प्रमुख अवधारणाएं:
- मूल अधिकार क्षेत्र: केंद्र और राज्यों के बीच, या राज्यों के बीच विवाद
- अपीलीय अधिकार क्षेत्र: उच्च न्यायालयों और अन्य न्यायाधिकरणों से अपीलें
- सलाहकार अधिकार क्षेत्र: राष्ट्रपति द्वारा भेजे गए कानूनी प्रश्नों पर राय प्रदान करना
उच्च न्यायालय - संवैधानिक प्रावधान
संविधान अनुच्छेद: अनुच्छेद 214
- स्थापना: उच्च न्यायालयों की स्थापना संविधान के अनुच्छेद 214 के तहत की जाती है।
- संरचना:
- उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश
- अन्य न्यायाधीश (संख्या राज्य के अनुसार भिन्न होती है)
- नियुक्ति:
- भारत के राष्ट्रपति द्वारा भारत के मुख्य न्यायाधीश और राज्यपाल के परामर्श से नियुक्त किए जाते हैं (अनुच्छेद 217 के अनुसार)
- कार्यकाल:
- न्यायाधीश 62 वर्ष की आयु तक पद पर रहते हैं (अनुच्छेद 217(2)(क) के अनुसार)
- हटाना:
- राष्ट्रपति द्वारा दुराचरण या अयोग्यता के आधार पर हटाया जा सकता है, उच्च न्यायालय की जांच के बाद (अनुच्छेद 217(4) के अनुसार)
- अधिकार:
- राज्य के भीतर मूल और पुनरावर्ती अधिकार क्षेत्र
- महत्वपूर्ण तिथियाँ:
- 1950: पहला उच्च न्यायालय 1 जनवरी 1950 को कोलकाता में स्थापित
- 1956: संविधान (सातवाँ संशोधन) अधिनियम ने आंध्र प्रदेश और मद्रास में उच्च न्यायालयों की स्थापना की
- मुख्य अवधारणाएँ:
- मूल अधिकार क्षेत्र: राज्य के भीतर मामलों का निर्णय
- पुनरावर्ती अधिकार क्षेत्र: अधीनस्थ न्यायालयों से अपील
- न्यायाधीशों का स्थानांतरण: उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को किसी अन्य उच्च न्यायालय में स्थानांतरित किया जा सकता है (अनुच्छेद 222 के अनुसार)
अधीनस्थ न्यायालय - संवैधानिक प्रावधान
संविधान अनुच्छेद: अनुच्छेद 226
- स्थापना: अधीनस्थ न्यायालय राज्य सरकारों द्वारा संविधान और विभिन्न कानूनों के तहत स्थापित किए जाते हैं।
- प्रकार:
- जिला न्यायालय
- सत्र न्यायालय
- अतिरिक्त सत्र न्यायालय
- मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट
- न्यायिक मजिस्ट्रेट
- कार्यपालिक मजिस्ट्रेट
- अधिकार:
- मूल और अपीलीय अधिकार क्षेत्र का प्रयोग
- सिविल और आपराधिक मामलों का निर्णय
- महत्वपूर्ण तिथियाँ:
- 1950: संविधान और राज्य कानूनों के अनुसार अधीनस्थ न्यायालय स्थापित किए गए
- प्रमुख अवधारणाएँ:
- मूल अधिकार क्षेत्र: प्रथम उदाहरण के रूप में मामलों की सुनवाई
- अपीलीय अधिकार क्षेत्र: निचले न्यायालयों से अपील
- रिट अधिकार क्षेत्र: उच्च न्यायालय मूलभूत अधिकारों के प्रवर्तन के लिए अनुच्छेद 226 के तहत रिट जारी कर सकते हैं
- महत्वपूर्ण पद:
- रिट: हेबियस कॉर्पस, मंडमस, प्रतिषेध, को वॉरंटो, सर्टिओरारी
- न्यायिक समीक्षा: न्यायपालिका का कानूनों की संवैधानिकता की समीक्षा करने की शक्ति
तुलनात्मक सारणी
| पहलू | सुप्रीम कोर्ट | हाई कोर्ट | अधीनस्थ अदालतें |
|---|---|---|---|
| संविधान अनुच्छेद | अनुच्छेद 124 | अनुच्छेद 214 | अनुच्छेद 226 |
| नियुक्ति | राष्ट्रपति, CJI के परामर्श से | राष्ट्रपति, CJI और राज्यपाल के परामर्श से | राज्य सरकार |
| कार्यकाल | 65 वर्ष | 62 वर्ष | भिन्न (अधिकतम 65 वर्ष) |
| क्षेत्राधिकार | मूल, अपीलीय, सलाहकारी | मूल और अपीलीय | मूल और अपीलीय |
| रिट क्षेत्राधिकार | हाँ (अनुच्छेद 32 के तहत) | हाँ (अनुच्छेद 226 के तहत) | नहीं (केवल हाई कोर्ट ही रिट जारी कर सकते हैं) |
| प्रमुख शक्तियां | संवैधानिक व्याख्या, सलाहकारी | राज्य मामले, अपीलीय | सिविल और आपराधिक मामले |
| महत्वपूर्ण मामले | केसवानंद भारती (1973), केसवानंद (1976) | केसवानंद भारती (1973) | लागू नहीं |
एसएससी, आरआरबी परीक्षाओं के लिए प्रमुख तथ्य
- सुप्रीम कोर्ट भारत का सर्वोच्च न्यायिक प्राधिकरण है।
- हाई कोर्ट अपने-अपने राज्यों का सर्वोच्च न्यायिक प्राधिकरण है।
- अधीनस्थ न्यायालय वे निचली अदालतें हैं जो दिन-प्रतिदिन के न्यायिक कार्य संभालती हैं।
- रिट मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए हाई कोर्ट द्वारा जारी किए जाते हैं।
- मूल अधिकार क्षेत्र उस शक्ति को दर्शाता है जिससे मामलों को प्रथम अवसर पर सुनवाई की जा सके।
- अपीलीय अधिकार क्षेत्र उस शक्ति को दर्शाता है जिससे निचली अदालतों के निर्णयों की समीक्षा की जा सके।
- न्यायिक समीक्षा न्यायपालिका की वह शक्ति है जिससे कानूनों की वैधता की समीक्षा की जाती है।
- मूलभूत संरचना सिद्धांत केसवानंद भारती बनाम केरल राज्य (1973) में स्थापित किया गया था।
- प्रथम हाई कोर्ट 1 जनवरी 1950 को कोलकाता में स्थापित किया गया था।
- प्रथम सुप्रीम कोर्ट 28 जनवरी 1950 को स्थापित किया गया था।