D.2] महत्वपूर्ण भौगोलिक चक्र
1. जल चक्र (जलविज्ञान चक्र)
परिभाषा
पृथ्वी की सतह पर, ऊपर और नीचे जल का निरंतर संचलन।
प्रमुख प्रक्रियाएँ
- वाष्पीकरण: सौर ऊष्मा के कारण जल द्रव से वाष्प में बदलता है।
- संघनन: जलवाष्प ठंडा होकर बादल बनाता है।
- वर्षा: जल वर्षा, हिम, बर्फ़ानी बूंदें या ओलों के रूप में गिरता है।
- अपवाह: जल भूमि सतह से बहकर नदियों, झीलों और महासागरों में पहुँचता है।
- स्राव: जल भूमि में समाकर भूजल को पुनः भरता है।
- वाष्पोत्सर्जन: पौधों से जल वातावरण में निकलता है।
प्रमुख तथ्य (SSC, RRB)
- महत्वपूर्ण तिथि: जल चक्र पृथ्वी के निर्माण के समय से सक्रिय है (लगभग 4.5 अरब वर्ष पहले)।
- महत्वपूर्ण पद: जलविज्ञान चक्र।
- महत्वपूर्ण उदाहरण: भारत में मानसून चक्र जल चक्र का एक प्रमुख उदाहरण है।
सारणी: जल चक्र की अवस्थाएँ
| अवस्था |
विवरण |
| वाष्पीकरण |
द्रव जल वाष्प में बदलता है |
| संघनन |
वाष्प ठंडा होकर बादल बनाता है |
| वर्षा |
जल वर्षा, हिम आदि के रूप में गिरता है |
| अपवाह |
जल भूमि से बहकर जल निकायों में पहुँचता है |
| स्राव |
जल भूमि में समाकर भूजल बनाता है |
| वाष्पोत्सर्जन |
पौधों से जल वातावरण में निकलता है |
2. कार्बन चक्र
परिभाषा
पृथ्वी के वायुमंडल, महासागरों, मिट्टी और जीवित जीवों के माध्यम से कार्बन की गति।
प्रमुख प्रक्रियाएँ
- प्रकाश संश्लेषण: पौधे CO₂ को अवशोषित करते हैं और इसे कार्बनिक पदार्थ में बदलते हैं।
- श्वसन: जीव CO₂ को वापस वायुमंडल में छोड़ते हैं।
- क्षय: मृत कार्बनिक पदार्थ टूट जाता है, CO₂ छोड़ता है।
- दहन: जीवाश्म ईंधनों के जलने से CO₂ निकलता है।
- महासागर अवशोषण: महासागर बड़ी मात्रा में CO₂ को अवशोषित और संग्रहित करते हैं।
- अवसादन: कार्बन लंबे समय तक अवसादी चट्टानों में संग्रहित होता है।
प्रमुख तथ्य (SSC, RRB)
- महत्वपूर्ण तिथि: कार्बन चक्र लगभग 4.5 अरब वर्षों से अस्तित्व में है।
- महत्वपूर्ण पद: कार्बन सिक्वेस्ट्रेशन।
- महत्वपूर्ण उदाहरण: ग्रेट बैरियर रीफ एक महत्वपूर्ण कार्बन सिंक है।
सारणी: कार्बन चक्र के घटक
| घटक |
विवरण |
| वायुमंडल |
CO₂, मीथेन और अन्य ग्रीनहाउस गैसों को समाहित करता है |
| महासागर |
बड़ी मात्रा में CO₂ को अवशोषित और संग्रहित करते हैं |
| मिट्टी |
कार्बनिक पदार्थ में कार्बन को संग्रहित करती है |
| जीवित जीव |
पौधे और जानवर CO₂ को अवशोषित और छोड़ते हैं |
| जीवाश्म ईंधन |
प्राचीन कार्बनिक पदार्थ से संग्रहित कार्बन |
3. नाइट्रोजन चक्र
परिभाषा
वातावरण, वायुमंडल, मिट्टी और जीवित जीवों के माध्यम से नाइट्रोजन की गति।
प्रमुख प्रक्रियाएँ
- नाइट्रोजन स्थिरीकरण: वायुमंडलीय नाइट्रोजन (N₂) को उपयोगी रूपों (जैसे अमोनिया) में बैक्टीरिया द्वारा रूपांतरण।
- नाइट्रिफिकेशन: अमोनिया को बैक्टीरिया द्वारा नाइट्राइट्स और नाइट्रेट्स में रूपांतरण।
- आस्वीकरण: पौधे नाइट्रेट्स को अवशोषित कर प्रोटीन में बदलते हैं।
- अमोनिफिकेशन: कार्बनिक नाइट्रोजन का अमोनिया में विघटन।
- डीनाइट्रिफिकेशन: बैक्टीरिया द्वारा नाइट्रेट्स को पुनः नाइट्रोजन गैस में रूपांतरण, वायुमंडल में वापस भेजना।
प्रमुख तथ्य (SSC, RRB)
- महत्वपूर्ण तिथि: नाइट्रोजन चक्र लगभग 4.5 अरब वर्षों से विद्यमान है।
- महत्वपूर्ण पद: नाइट्रोजन स्थिरीकरण, डीनाइट्रिफिकेशन।
- महत्वपूर्ण उदाहरण: फलियांदार पौधे (जैसे मटर, राजमा) नाइट्रोजन स्थिरीकरण में प्रमुख हैं।
तालिका: नाइट्रोजन चक्र के चरण
| चरण |
विवरण |
| नाइट्रोजन स्थिरीकरण |
बैक्टीरिया द्वारा N₂ को अमोनिया में रूपांतरण |
| नाइट्रिफिकेशन |
अमोनिया को नाइट्राइट्स और नाइट्रेट्स में रूपांतरण |
| आस्वीकरण |
पौधे नाइट्रेट्स को अवशोषित कर प्रोटीन में बदलते हैं |
| अमोनिफिकेशन |
कार्बनिक नाइट्रोजन का अमोनिया में विघटन |
| डीनाइट्रिफिकेशन |
बैक्टीरिया द्वारा नाइट्रेट्स को पुनः N₂ में रूपांतरण |
चक्रों के बीच अंतर
| चक्र |
प्राथमिक स्रोत |
प्रमुख भंडार |
मानवीय प्रभाव |
परीक्षा में प्रमुख फोकस |
| जल चक्र |
वाष्पीकरण |
महासागर, झीलें |
जलवायु परिवर्तन |
उच्च |
| कार्बन चक्र |
जीवाश्म ईंधन |
महासागर, मिट्टी |
ग्रीनहाउस गैसें |
उच्च |
| नाइट्रोजन चक्र |
वायुमंडल |
मिट्टी, पौधे |
उर्वरक, प्रदूषण |
मध्यम |