प्रसिद्ध षड्यंत्र

प्रसिद्ध षड्यंत्र

स्वतंत्रता संग्राम के दौरान प्रमुख षड्यंत्र

1. लॉर्ड हार्डिंग के खिलाफ बम साजिश (1912)

  • संदर्भ: भारत के वायसराय लॉर्ड हार्डिंग की दिल्ली यात्रा के दौरान उनकी हत्या की साजिश।
  • प्रमुख व्यक्ति:
    • रास बिहारी बोस – अनुशीलन समिति से जुड़े एक क्रांतिकारी।
    • सत्येन्द्रनाथ ठाकुर – अनुशीलन समिति के एक सदस्य।
  • परिणाम: ब्रिटिश पुलिस की मौजूदगी के कारण साजिश विफल रही। खुदीराम बोस को गिरफ्तार कर 1912 में फांसी दी गई।
  • महत्व: भारतीय क्रांतिकारियों में बढ़ती कट्टरता को उजागर किया।

2. बंगाल विभाजन षड्यंत्र (1905-1911)

  • संदर्भ: लॉर्ड कर्जन द्वारा बंगाल के विभाजन का विरोध करने की साजिश।
  • प्रमुख व्यक्ति:
    • अरविंद घोष – राष्ट्रीय आंदोलन के एक प्रमुख नेता।
    • बारिन्द्र कुमार घोष – जुगांतर पार्टी से जुड़े एक क्रांतिकारी।
  • गतिविधियाँ:
    • भारत माता और संध्यासंग्राम का प्रकाशन।
    • विभाजन के खिलाफ गुप्त बैठकें और प्रचार का आयोजन।
  • परिणाम: ब्रिटिशों ने षड्यंत्र का पर्दाफाश किया, गिरफ्तारियाँ हुईं और आंदोलन को दबा दिया गया।
  • महत्व: स्वतंत्रता संग्राम में प्रचार और भूमिगत नेटवर्क के उपयोग को दर्शाया।

3. चंपारण सत्याग्रह (1917)

  • संदर्भ: चंपारण में दमनकारी नीलहा उत्पादन प्रणाली के खिलाफ महात्मा गांधी के नेतृत्व में एक अहिंसक प्रदर्शन।
  • प्रमुख व्यक्ति:
    • महात्मा गांधी – आंदोलन का नेतृत्व किया।
    • मोतीलाल नेहरू – आंदोलन का समर्थन किया।
  • गतिविधियाँ:
    • किसानों की शिकायतों की जांच।
    • असहयोग और सत्याग्रह का प्रयोग।
  • परिणाम: ब्रिटिश सरकार ने निष्कर्ष स्वीकार किए और किसानों को अन्य फसलें उगाने की अनुमति दी।
  • महत्व: भारत में गांधी के जन-आंदोलन की शुरुआत का प्रतीक।

4. खिलाफत आंदोलन (1919-1922)

  • संदर्भ: प्रथम विश्व युद्ध के बाद ओटोमन खलीफा की रक्षा के लिए एक आंदोलन।
  • प्रमुख व्यक्ति:
    • मुहम्मद अली जौहर – खिलाफत आंदोलन के एक नेता।
    • शौकत अली – एक प्रमुख नेता।
    • महात्मा गांधी – मुसलमानों और हिंदुओं को एकजुट करने के लिए आंदोलन में शामिल हुए।
  • गतिविधियाँ:
    • जन-प्रदर्शन और विरोध।
    • खिलाफत समिति का गठन।
  • परिणाम: 1924 में खलीफा के समाप्त होने के साथ आंदोलन समाप्त हुआ।
  • महत्व: मुसलमानों और हिंदुओं के बीच एकता को मजबूत किया और अखिल भारतीय खिलाफत समिति के गठन को जन्म दिया।

5. चौरी चौरा कांड (1922)

  • संदर्भ: एक हिंसक घटना जिसके कारण असहयोग आंदोलन को निलंबित कर दिया गया।
  • प्रमुख व्यक्ति:
    • महात्मा गांधी – घटना के बाद आंदोलन को निलंबित किया।
  • गतिविधियाँ:
    • प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प हुई, जिससे एक पुलिस थाने में आग लग गई।
  • परिणाम: 22 पुलिस अधिकारी मारे गए।
  • महत्व: असहयोग आंदोलन में एक मोड़ साबित हुआ, जिससे अधिक अनुशासित तरीकों की ओर रुख हुआ।

6. दिल्ली-लाहौर षड्यंत्र (1928)

  • संदर्भ: दिल्ली और लाहौर में ब्रिटिश अधिकारियों की हत्या का षड्यंत्र।
  • प्रमुख व्यक्ति:
    • भगत सिंह – हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन से जुड़े एक क्रांतिकारी।
    • सुखदेव थापर – एक सह-षड्यंत्रकारी।
    • राजगुरु – एक सह-षड्यंत्रकारी।
  • गतिविधियाँ:
    • ब्रिटिश अधिकारियों की हत्या की योजना बनाना।
  • परिणाम: षड्यंत्र का पर्दाफाश हुआ, जिससे भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को गिरफ्तार कर 1931 में फांसी दी गई।
  • महत्व: स्वतंत्रता संग्राम के कट्टरपंथी धड़े और उनके तरीकों को उजागर किया।

7. पेशावर षड्यंत्र मामला (1922-27)

  • संदर्भ: ब्रिटिश शासन को उखाड़ फेंकने और भारत में साम्यवाद स्थापित करने की साजिश।
  • प्रमुख व्यक्तित्व:
    • शौकत उस्मानी – साम्यवादी नेता।
    • मुज़फ्फर अहमद – साम्यवादी कार्यकर्ता।
    • नलिनी गुप्ता – क्रांतिकारी नेता।
    • ग़ुलाम हुसैन – प्रमुख षड्यंत्रकर्ता।
  • गतिविधियाँ:
    • साम्यवादी विचारधारा फैलाने और श्रमिकों को संगठित करने की योजना।
    • कम्युनिस्ट इंटरनेशनल (कॉमिन्टर्न) से संपर्क स्थापित करना।
  • परिणाम: गिरफ्तारियाँ हुईं और अभियुक्तों पर राजद्रोह और षड्यंत्र का मुकदमा चलाया गया।
  • महत्व: उत्तर-पश्चिम सीमांत प्रांत में साम्यवादी आंदोलन और ब्रिटिश-विरोधी क्रांतिकारी गतिविधियों के उदय को उजागर किया।

8. भारत छोड़ो आंदोलन (1942)

  • संदर्भ: ब्रिटिश शासन की तत्काल समाप्ति की मांग करता एक जन आंदोलन।
  • प्रमुख व्यक्तित्व:
    • महात्मा गांधी – आंदोलन का नेतृत्व किया।
  • गतिविधियाँ:
    • देशव्यापी हड़तालें और प्रदर्शन।
    • सविनय अवज्ञा और तोड़फोड़।
  • परिणाम: ब्रिटिश सरकार ने आंदोलन को अवैध घोषित कर हजारों नेताओं को गिरफ्तार किया।
  • महत्व: स्वतंत्रता संग्राम की चरम अवस्था को चिह्नित किया और स्वतंत्रता की मांग को तीव्र कर दिया।

तालिका: स्वतंत्रता संग्राम के दौरान प्रमुख षड्यंत्रों का सारांश

षड्यंत्र प्रमुख व्यक्तित्व वर्ष परिणाम महत्व
लॉर्ड मिंटो के खिलाफ बम साजिश खुदीराम बोस, सत्येंद्रनाथ टैगोर 1912 असफल, खुदीराम बोस को फांसी कट्टरपंथिता को उजागर किया
बंगाल विभाजन साजिश अरविंद घोष, बरिंद्र कुमार घोष 1905-1911 दबाया गया, गिरफ्तारियाँ हुईं भूमिगत नेटवर्क्स का प्रदर्शन
चंपारण सत्याग्रह महात्मा गांधी, मोतीलाल नेहरू 1917 ब्रिटिशों ने निष्कर्ष स्वीकारे गांधी के जन आंदोलन की शुरुआत
खिलाफत आंदोलन मुहम्मद अली जौहर, शौकत अली, महात्मा गांधी 1919-1922 खिलाफत समाप्त कर दी गई हिंदू-मुस्लिम एकता को मजबूत किया
चौरी-चौरा कांड महात्मा गांधी 1922 असहयोग आंदोलन स्थगित अनुशासित तरीकों की ओर रुख
दिल्ली-लाहौर साजिश भगत सिंह, सुखदेव ठापर, राजगुरु 1928 गिरफ्तारियाँ और फांसियाँ कट्टरपंथी धड़े को उजागर किया
पेशावर साजिश मामला अब्दुल गफ्फार खान 1942 आंदोलन को दबाया गया NWFP में प्रतिरोध
भारत छोड़ो आंदोलन महात्मा गांधी 1942 ब्रिटिशों ने गैरकानूनी घोषित किया स्वतंत्रता संग्राम की चरम अवस्था

तथ्य सूची: प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रमुख तथ्य

  • खुदीराम बोस को 1912 में लॉर्ड मिंटो के खिलाफ बम साजिश के लिए फांसी दी गई।
  • उरोबिन्दो घोष और बारिन्द्र कुमार घोष बंगाल विभाजन साजिश में प्रमुख व्यक्ति थे।
  • चंपारण सत्याग्रह ने गांधी के जन आंदोलन की शुरुआत की।
  • खिलाफत आंदोलन मुसलमानों और हिंदुओं का संयुक्त प्रयास था।
  • चौरी चौरा कांड ने असहयोग आंदोलन को स्थगित करवा दिया।
  • भगत सिंह, सुखदेव थापर और राजगुरु को 1931 में दिल्ली-लाहौर साजिश के लिए फांसी दी गई।
  • अब्दुल गफ्फार खान पेशावर साजिश मामले में शामिल थे।
  • भारत छोड़ो आंदोलन स्वतंत्रता संग्राम का शिखर था।