अभिकथन कारण
प्रमुख अवधारणाएँ
| # | अवधारणा | व्याख्या |
|---|---|---|
| 1 | अभिकथन (A) | वह कथन जिसे प्रश्न में तथ्य के रूप में प्रस्तुत किया गया है। |
| 2 | कारण (R) | वह कथन जो अभिकथन के प्रस्तावित स्पष्टीकरण के रूप में दिया गया है। |
| 3 | दोनों सत्य हैं और R, A को स्पष्ट करता है | दोनों कथन तथ्यतः सही हैं और R, A का वैज्ञानिक/तार्किक कारण है। |
| 4 | दोनों सत्य हैं पर R, A को स्पष्ट नहीं करता | दोनों कथन अलग-अलग सही हैं, पर R का A से कोई संबंध नहीं है। |
| 5 | A सत्य, R असत्य | अभिकथन सही है पर कारण स्थापित तथ्यों का खंडन करता है। |
| 6 | A असत्य, R सत्य | अभिकथन तथ्यतः गलत है यद्यपि कारण स्वयं में सही है। |
| 7 | दोनों असत्य | दोनों कथन तथ्यतः गलत हैं। |
| 8 | गोल्डन जाँच | हमेशा पहले R को स्वतंत्र रूप से जाँचें—यदि R गलत है, तो “R, A को स्पष्ट करता है” वाले विकल्प स्वतः ही खारिज हो जाते हैं। |
15 अभ्यास MCQs
1. अभिकथन (A): ध्वनि इस्पात में वायु की तुलना में तेज़ चलती है।
कारण (R): इस्पात की घनत्व वायु से अधिक होता है।
उत्तर: (b) A और R दोनों सत्य हैं, पर R, A का सही व्याख्यान नहीं है।
हल: A सत्य है। R भी सत्य है (इस्पात अधिक घना है)। फिर भी ध्वनि की चाल लोच गुणांक व घनत्व दोनों पर निर्भर करती है; इस्पात में अधिक चाल मुख्यतः इसके बहुत उच्च लोच गुणांक के कारण है, केवल घनत्व के कारण नहीं। इस प्रकार R, A को सही रूप से व्याख्यायित नहीं करता।
ट्रिक: “ध्वनि की चाल को केवल घनत्व नहीं तय करता—लोच गुणांक भी देखें।”
टैग: Physics, Sound
2. अभिकथन (A): एक स्वतंत्र रूप से गिरता हुआ पिंड भारहीनता अनुभव करता है।
कारण (R): पृथ्वी के केंद्र पर गुरुत्वीय त्वरण शून्य होता है।
उत्तर: (d) A सत्य है पर R असत्य है।
हल: भारहीनता इसलिए उत्पन्न होती है क्योंकि प्रतिक्रिया बल शून्य हो जाता है, g शून्य होने से नहीं। पृथ्वी के केंद्र पर g वास्तव में शून्य है, परंतु यह तथ्य पृथ्वी के पास मुक्त पतन के दौरान भारहीनता की घटना से असंबंधित है।
ट्रिक: “मुक्त पतन ⇒ कोई प्रतिक्रिया नहीं; g=0 पृथ्वी के भीतर ≠ बाहर भारहीनता।”
टैग: Physics, Mechanics
3. अभिकथन (A): पृथ्वी से ग्रह मंगल लाल प्रतीत होता है।
कारण (R): मंगल की सतह पर आयरन ऑक्साइड होता है।
उत्तर: (a) A और R दोनों सत्य हैं और R, A को सही रूप से समझाता है।
हल: आयरन ऑक्साइड (जंग) लाल-रंगीन प्रकाश परावर्तित करता है → मंगल लाल दिखता है।
ट्रिक: “जंग = लाल; मंगल में जंग है।”
टैग: सामान्य विज्ञान, खगोल विज्ञान
4. अभिकथन (A): भारत में मानसून वर्षा पूर्व से पश्चिम तक घटती है।
कारण (R): मानसून पवन बंगाल की खाड़ी से भारतीय मुख्यभूमि की ओर चलती हैं।
उत्तर: (a) A और R दोनों सत्य हैं और R, A को सही रूप से समझाता है।
हल: नमी से भरी पवनें पूर्व से प्रारंभ होती हैं; पश्चिम की ओर बढ़ते हुए नमी खो देती हैं → पूर्व को अधिक वर्षा मिलती है।
ट्रिक: “प्रवेश नम → निर्गत सूखा।”
टैग: भूगोल, भारतीय मानसून
5. अभिकथन (A): अग्निशामकों में CO₂ का उपयोग होता है।
कारण (R): CO₂ वायु से भारी होता है और दहन का समर्थन नहीं करता।
उत्तर: (a) A और R दोनों सत्य हैं और R, A को सही रूप से समझाता है।
हल: CO₂ आग पर कंबल की तरह छा जाता है, ऑक्सीजन को अलग कर देता है।
ट्रिक: “कंबल गैस = भारी + असमर्थक।”
टैग: रसायन विज्ञान
6. अभिकथन (A): घोड़ा खाली स्थान में भी गाड़ी खींच सकता है।
कारण (R): क्रिया-प्रतिक्रिया बल समान और विपरीत होते हैं।
उत्तर: (d) A गलत है लेकिन R सही है।
समाधान: खींचने के लिए टापकों और जमीन के बीच घर्षण चाहिए; खाली स्थान में हवा नहीं होती लेकिन जमीन से संपर्क अभी भी आवश्यक है। घोड़ा पूरी तरह चिकनी, घर्षणरहित जमीन पर गाड़ी को त्वरित नहीं कर सकता। R (न्यूटन का तृतीय नियम) हमेशा सही है लेकिन यहाँ A को सही नहीं ठहराता।
ट्रिक: “गति को बाहरी प्रतिक्रिया चाहिए; खाली स्थान ≠ घर्षण।”
टैग: Physics, Newton Laws
7. अभिकथन (A): चंद्र ग्रहण हर नए चंद्रमा पर नहीं होता।
कारण (R): चंद्रमा की कक्षीय तल ~5° झुका हुआ है पृथ्वी की कक्षा के सापेक्ष।
उत्तर: (a) A और R दोनों सही हैं और R, A को सही ढंग से समझाता है।
समाधान: झुकाव हर महीने पूर्ण संरेखण को रोकता है।
ट्रिक: “झुकी कक्षा → दुर्लभ ग्रहण।”
टैग: Astronomy
8. अभिकथन (A): बर्फ पानी पर तैरती है।
कारण (R): बर्फ का घनत्व पानी से कम होता है।
उत्तर: (a) A और R दोनों सही हैं और R, A को सही ढंग से समझाता है।
ट्रिक: “घनत्व कम → तैरता है।”
टैग: Physics, Matter
9. अभिकथन (A): भारतीय रेलवे को परिचालन सुविधा के लिए ज़ोनों में बाँटा गया है।
कारण (R): भारत जनसंख्या के हिसाब से दूसरा सबसे बड़ा देश है।
उत्तर: (b) A और R दोनों सत्य हैं, पर R, A की व्याख्या नहीं करता।
समाधान: ज़ोनिंग लॉजिस्टिक्स के लिए है, सीधे जनसंख्या रैंक के कारण नहीं।
ट्रिक: “ज़ोनिंग ≠ जनसंख्या रैंक; ज़ोनिंग = प्रबंधनीयता।”
टैग: भारतीय रेलवे सामान्य ज्ञान
10. अभिकथन (A): LED बल्ब CFL की तुलना में पसंद किए जाते हैं।
कारण (R): LED UV विकिरण नहीं छोड़ते।
उत्तर: (b) A और R दोनों सत्य हैं, पर R मुख्य/पूर्ण व्याख्या नहीं है। (रेलवे अक्सर इसे “R सही ढंग से A की व्याख्या नहीं करता” मानता है)।
समाधान: मुख्य कारण: ऊर्जा दक्षता, लंबी आयु, तत्काल चमक। UV न होना एक सहायक लाभ है।
ट्रिक: “कुंजी चालक = दक्षता + आयु।”
टैग: सामान्य विज्ञान, प्रौद्योगिकी
11. अभिकथन (A): एक ट्रेन का प्लेटफॉर्म टिकट उसके सबसे सस्ते यात्रा टिकट से सस्ता होता है।
कारण (R): प्लेटफॉर्म टिकट यात्री किराए से सब्सिडाइज़ किए जाते हैं।
उत्तर: (a) A और R दोनों सत्य हैं और R, A को सही ढंग से समझाता है।
समाधान: भारतीय रेलवे प्लेटफॉर्म टिकट को क्रॉस-सब्सिडाइज़ करता है ताकि केवल यात्री यात्रा के लिए भुगतान करें, आगंतुक मामूली शुल्क दें।
ट्रिक: “क्रॉस-सब्सिडी प्लेटफॉर्म को सस्ता रखती है।”
टैग: रेलवे नीतियाँ
12. अभिकथन (A): अरब सागर में एक चक्रवात पश्चिमी भारत की ओर बढ़ सकता है।
कारण (R): सभी चक्रवात केवल बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न होते हैं।
उत्तर: (c) A सत्य है लेकिन R असत्य है।
समाधान: चक्रवात दोनों समुद्रों में बनते हैं; R तथ्यतः गलत है।
ट्रिक: “दो बेसिन: बंगाल + अरब।”
टैग: भूगोल
13. अभिकथन (A): GST ने भारत में कई अप्रत्यक्ष करों को प्रतिस्थापित किया।
कारण (R): GST एक मूल्य-वर्धित कर है जिसे राज्यों में समान रूप से लगाया जाता है।
उत्तर: (a) A और R दोनों सत्य हैं और R, A को सही ढंग से समझाता है।
ट्रिक: “एक राष्ट्र, एक कर → कई को समाहित करता है।”
टैग: अर्थशास्त्र, पॉलिटी
14. अभिकथन (A): इंद्रधनुष तभी दिखाई देता है जब सूर्य प्रेक्षक के पीछे होता है।
कारण (R): सूर्य के प्रकाश का विकिरण इसलिए होता है क्योंकि वर्षा की बूंदें छोटे-छोटे प्रिज्म की तरह काम करती हैं।
उत्तर: (a) A और R दोनों सही हैं और R, A को सही रूप से समझाता है।
ट्रिक: “सूर्य पीछे + बूंद प्रिज्म → धनुष।”
टैग: Physics, Optics
15. अभिकथन (A): मालगाड़ी अक्सर यात्री ट्रेन से लंबी होती है।
कारण (R): मालगाड़ियाँ अधिक भारी एक्सल भार वहन करती हैं।
उत्तर: (b) A और R दोनों सही हैं लेकिन R, A को समझाता नहीं है।
समाधान: लंबाई आयतन के लिए होती है; एक्सल भार प्रति पहिया वजन के लिए होता है। ये भिन्न डिज़ाइन विकल्प हैं।
ट्रिक: “लंबाई ≠ भार; लंबाई = क्षमता।”
टैग: Railways GK
स्पीड ट्रिक्स
| स्थिति | शॉर्टकट | उदाहरण |
|---|---|---|
| 1. R स्पष्ट रूप से गलत है | उन विकल्पों को गलत मार्क करें जिनमें “R सही” है; 2 सेकंड में बचे हुए में से चुनें | ऊपर Q12: R कहता है “केवल बंगाल की खाड़ी” → गलत, (a) और (b) को काट दें |
| 2. R में निरपेक्ष शब्द (“केवल”, “हमेशा”, “कभी नहीं”) | 70 % संभावना है कि R गलत है | “सूरज हमेशा पूर्व में उगता है” सही है, पर “चक्रवात हमेशा बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न होते हैं” गलत है |
| 3. कारण-प्रभाव कीवर्ड (“क्योंकि”, “के कारण”) | जांचें कि R हटाने पर भी A बचता है; यदि हाँ, तो R कारण नहीं है | Q9: यदि आप भारत की जनसंख्या रैंक भूल भी जाएँ तो A सही रहता है → R, A की व्याख्या नहीं करता |
| 4. संख्यात्मक डेटा दिया गया हो | पहले R सत्यापित करें; यदि संख्या गलत हो, तो R गलत → दो विकल्प तुरंत हट जाएँगे | “हवा में ध्वनि की चाल 3300 मी/से” → R गलत |
| 5. दोनों कथन सही लगें पर अलग-अलग डोमेन से हों | (b) पर संदेह करें – “सही पर व्याख्या नहीं” | Q15: लंबाई (ऑपरेशंस) बनाम एक्सल लोड (इंजीनियरिंग) → अलग डोमेन |
त्वरित संशोधन
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| 1 | R को स्वतंत्र रूप से लें; यदि R गलत हो, तो (a) और (b) को तुरंत समाप्त कर दें। |
| 2 | “दोनों सत्य हैं और R, A को समझाता है” के लिए (i) तथ्य की सत्यता (ii) तार्किक कारणता चाहिए। |
| 3 | R में निरपेक्ष शब्द (“केवल/हमेशा”) अक्सर इसे गलत बना देते हैं। |
| 4 | A तब भी गलत हो सकता है जब R पाठ्यपुस्तक का तथ्य हो। |
| 5 | भूगोल के प्रश्नों में दिशा (पूर्व→पश्चिम, उत्तर→दक्षिण) एक प्रिय कारणात्मक कड़ी होती है। |
| 6 | भौतिकी: घनत्व-संबंधी कारण—आर्किमिडीज़ या वेग सूत्र से पुनः जाँच करें। |
| 7 | जीव विज्ञान: एंजाइम/RBC प्रश्न—pH, तापमान का इष्टतम मान जाँचें; छोटा तथ्यात्मक त्रुटि R को गलत बना देता है। |
| 8 | अर्थशास्त्र: जीएसटी, सब्सिडी—R को A में उद्धृत नीति उद्देश्य से मेल खाना चाहिए। |
| 9 | रेलवे-विशिष्ट: ज़ोन/हील/लेआउट प्रश्न—संभव हो तो नवीनतम RRBI साइट से सत्यापित करें; अन्यथा सबसे सामान्य सत्य चुनें। |
| 10 | जब 50-50 संदेह हो, तो “न्यूनतम अनुमान” नियम लागू करें: वह विकल्प चुनें जिसे चुनने के लिए कोई अतिरिक्त आँकड़े न चाहिए। |