बस्तियों के स्वरूप और शहरीकरण
B.2 बस्ती के प्रतिरूप और नगरीकरण
I. ग्रामीण बस्तियों के प्रतिरूप
A. ग्रामीण बस्तियों के प्रकार
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रेखीय बस्तियाँ
- परिभाषा: गाँव जो सड़क, नदी या रेलवे के किनारे सीधी पंक्ति में बसे हों।
- उदाहरण: हिमालय की पहाड़ी गाँव, उत्तर प्रदेश में गंगा के किनारे गाँव।
- बनने के कारण: परिवहन मार्ग, सिंचाई और संचार तक आसान पहुँच।
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वृत्ताकार या संकुल बस्तियाँ
- परिभाषा: गाँव जो वृत्ताकार या संकुल रूप में जुड़े हों।
- उदाहरण: दक्षिण भारत के पंचायत गाँव, कई जनजातीय बस्तियाँ।
- बनने के कारण: जंगली जानवरों से सुरक्षा, रक्षा और किसी केंद्रीय बिंदु (जैसे कुआँ या मंदिर) के निकटता।
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विखंडित बस्तियाँ
- परिभाषा: मकान बड़े क्षेत्र में बिखरे हुए हों।
- उदाहरण: पहाड़ी और वन क्षेत्र, दूरदराज गाँव।
- बनने के कारण: कठिन भू-आकृति, बिखरे संसाधन और कम जनसंख्या घनत्व।
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संहत बस्तियाँ
- परिभाषा: गाँव जहाँ मकान घनिष्ठ रूप से पास-पास हों।
- उदाहरण: नगरीकरण हो रहे ग्रामीण क्षेत्र, पंजाब और हरियाणा के कई गाँव।
- बनने के कारण: उच्च जनसंख्या घनत्व, आर्थिक गतिविधियाँ और सेवाओं की बेहतर पहुँच।
B. ग्रामीण बस्ती प्रतिरूपों को प्रभावित करने वाले कारक
- भू-आकृति: पहाड़, मैदान और पहाड़ियाँ बस्तियों की संरचना को प्रभावित करते हैं।
- जलवायु: जल की उपलब्धता, तापमान और वर्षा बस्तियों के प्रकार को प्रभावित करते हैं।
- आर्थिक गतिविधियाँ: कृषि, पशुपालन और खनन बस्तियों की संरचना को आकार देते हैं।
- परिवहन और संचार: सड़कें, रेलवे और नदियाँ बस्तियों के स्थान और रूप को प्रभावित करते हैं।
- सांस्कृतिक और धार्मिक कारक: मंदिर, मज़ार और सामुदायिक केंद्र अक्सर बस्तियों की संरचना को प्रभावित करते हैं।
C. महत्वपूर्ण पद और परिभाषाएँ
| पद | परिभाषा |
|---|---|
| रैखिक बस्ती | गाँव जो सड़क, नदी या रेलवे के साथ सीधी रेखा में व्यवस्थित होते हैं। |
| समूहीकृत बस्ती | गाँव जो एक संकुचित समूह में व्यवस्थित होते हैं, अक्सर किसी केंद्रीय बिंदु के चारों ओर। |
| विखंडित बस्ती | मुश्किल भू-आकृति या कम जनसंख्या के कारण घर एक बड़े क्षेत्र में बिखरे हुए होते हैं। |
| संकुचित बस्ती | गाँव जहाँ घर घनिष्ठ रूप से पैक होते हैं, अक्सर उच्च जनसंख्या घनत्व के कारण। |
II. नगरीकरण के रुझान और मुद्दे
A. नगरीकरण के रुझान
- परिभाषा: ग्रामीण क्षेत्रों से शहरी क्षेत्रों की ओर जनसंख्या के स्थानांतरण की प्रक्रिया।
- वैश्विक रुझान:
- शहरी जनसंख्या ग्रामीण जनसंख्या की तुलना में तेजी से बढ़ रही है।
- 2050 तक, दुनिया की 68% जनसंख्या शहरी क्षेत्रों में रहेगी।
- शहरीकरण सबसे तेजी से विकासशील देशों में हो रहा है।
- भारत का शहरीकरण:
- भारत में शहरी जनसंख्या 2020 में 40 करोड़ से अधिक हो गई।
- भारत में शहरीकरण की दर लगभग 30% है (2020 तक)।
- शहरीकरण राज्यों में असमान है (उदाहरण के लिए, पंजाब, गोवा, केरल का शहरीकरण राजस्थान, बिहार की तुलना में अधिक है)।
बी. शहरीकरण की समस्याएं
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तेजी से शहरीकरण
- कारण: ग्रामीण क्षेत्रों से प्रवास, औद्योगीकरण और आर्थिक अवसर।
- प्रभाव: अत्यधिक जनसंख्या, बुनियादी ढांचे पर दबाव और पर्यावरणीय क्षरण।
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झुग्गी वृद्धि
- परिभाषा: अनियोजित, अनौपचारिक बस्तियां जहां रहने की स्थितियां खराब हैं।
- उदाहरण: मुंबई में धारावी, दिल्ली में कुंभराज।
- समस्याएं: बुनियादी सुविधाओं की कमी, खराब स्वच्छता और कब्जे की असुरक्षा।
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बुनियादी ढांचे की कमी
- परिवहन: भीड़भाड़, अपर्याप्त सार्वजनिक परिवहन।
- जल और स्वच्छता: अपर्याप्त आपूर्ति और खराब निकासी।
- बिजली आपूर्ति: बार-बार बिजली कटौती और अविश्वसनीय आपूर्ति।
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पर्यावरणीय प्रभाव
- वायु और जल प्रदूषण: औद्योगीकरण और वाहन उत्सर्जन के कारण।
- वनों की कटाई और हरित स्थानों की हानि: शहरी फैलाव के कारण।
- जलवायु परिवर्तन: शहर चरम मौसमी घटनाओं के प्रति अधिक संवेदनशील हैं।
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सामाजिक और आर्थिक असमानता
- आय असमानता: कुछ के लिए उच्च आय, अन्यों के लिए चरम गरीबी।
- सेवाओं तक पहुंच: शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और रोजगार तक पहुंच में असमानता।
C. सरकारी पहल और नीतियां
| नीति | उद्देश्य | प्रमुख विशेषताएं |
|---|---|---|
| स्मार्ट सिटी मिशन | 100 स्मार्ट शहरों का विकास करना | बुनियादी ढांचे, प्रौद्योगिकी और स्थिरता पर ध्यान। |
| अटल मिशन फॉर रीजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (AMRUT) | शहरी बुनियादी ढांचे में सुधार | जल आपूर्ति, सीवरेज और शहरी परिवहन। |
| प्रधान मंत्री आवास योजना (PMAY) | सभी के लिए सस्ती आवास | ग्रामीण और शहरी गरीबों को लक्षित करना। |
| नेशनल अर्बन हाउसिंग एंड अफोर्डेबिलिटी मिशन (NUHAM) | शहरी गरीबों के लिए सस्ती आवास | झुग्गी पुनर्वास और सस्ती आवास पर ध्यान। |
D. प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तिथियां और तथ्य
- भारत में शहरी जनसंख्या 2020 में 40 करोड़ को पार कर गई।
- भारत में शहरीकरण की दर लगभग 30% है (2020)।
- 2050 तक, विश्व की 68% आबादी शहरी क्षेत्रों में रहेगी।
- धारावी एशिया का सबसे बड़ा झुग्गी बस्ती है।
- स्मार्ट सिटी मिशन 2015 में शुरू किया गया।
- अमृत 2015 में शुरू हुआ।
- प्रधानमंत्री आवास योजना 2019 में शुरू की गई।
- भारत में झुग्गी बस्ती की आबादी का अनुमान 18 करोड़ है।
E. ग्रामीण और शहरी बस्तियों के बीच अंतर
| विशेषता | ग्रामीण बस्तियां | शहरी बस्तियां |
|---|---|---|
| जनसंख्या घनत्व | कम | अधिक |
| बुनियादी ढांचा | बुनियादी | उन्नत |
| आर्थिक गतिविधियां | कृषि, पशुपालन | उद्योग, सेवाएं |
| परिवहन | सीमित | व्यापक |
| सामाजिक जीवन | घनिष्ठ | विविध और जटिल |
| पर्यावरणीय प्रभाव | न्यूनतम | महत्वपूर्ण |
F. एसएससी, आरआरबी परीक्षाओं के लिए प्रमुख तथ्य
- शहरीकरण भारत में एक प्रमुख प्रवृत्ति है।
- झुग्गी बस्तियों की वृद्धि भारतीय शहरों में एक महत्वपूर्ण समस्या है।
- स्मार्ट सिटी मिशन शहरी विकास के लिए एक प्रमुख सरकारी पहल है।
- अमृत और प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी बुनियादी ढांचे और आवास के लिए प्रमुख योजनाएं हैं।
- धारावी भारत में एक बड़ी झुग्गी बस्ती का एक प्रसिद्ध उदाहरण है।
- शहरीकरण विभिन्न सामाजिक-आर्थिक और पर्यावरणीय चुनौतियों को जन्म देता है।