भारतीय मूर्तिकला
1. परिचय
भारतीय मूर्तिकला—पत्थर, कांस्य, स्टुक्को, टेराकोटा और लकड़ी—5,000 वर्षों तक फैली हुई है। यह धर्म, राजनीति और व्यापार से अविभाज्य है; प्रत्येक राजवंश ने अपना स्वयं का “शैली” जोड़ा। हड़प्पा की कांस्य नृत्यांगना से लेकर 30-मीटर ऊँची सरदार पटेल की ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ (2018) तक, भारत के पास विश्व का सबसे बड़ा एकाश्म संग्रह है।
2. कालक्रमिक मील के पत्थर
| वर्ष / शताब्दी | घटना / स्मारक | स्थान | सामग्री | टिप्पणी |
|---|---|---|---|---|
| 2500 ईसा पूर्व | कांस्य नृत्यांगना | मोहन-जो-दड़ो | लॉस्ट-वैक्स कांस्य | प्रथम धातु मूर्ति |
| तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व | सिंह-शीर्ष, अशोक स्तंभ | सारनाथ | पॉलिश बलुआ पत्थर | भारत का राष्ट्रीय प्रतीक |
| दूसरी–पहली शताब्दी ईसा पूर्व | महान स्तूप तोरण | साँची | पत्थर | प्राचीनतम कथा रिलीफ |
| पहली शताब्दी ईस्वी | गांधार बुद्ध | पेशावर घाटी | ग्रे स्किस्ट | ग्रीको-रोमन वस्त्रावरण |
| दूसरी शताब्दी ईस्वी | मथुरा बुद्ध | मथुरा | लाल-बिंदु बलुआ पत्थर | प्रथम भारतीय बुद्ध प्रतिमा |
| सातवीं शताब्दी | पल्लव “रथ” | महाबलीपुरम | ग्रेनाइट | एकाश्म मंदिर |
| आठवीं शताब्दी | कैलाश मंदिर | एलोरा | चारणान्द्री पहाड़ी (एकल चट्टान) | सबसे बड़ा एकाश्म उत्खनन |
| दसवीं–ग्यारहवीं शताब्दी | चोल कांस्य | तंजावुर | पंचलोहा (5-धातु) | 1.2 मी नटराज प्रतिमा |
| ग्यारहवीं शताब्दी | गंगैकोंडचोलपुरम | तमिल नाडु | पत्थर | 4 मी ऊँचा लिंग |
| तेरहवीं शताब्दी | सूर्य मंदिर कोणार्क | ओडिशा | क्लोराइट | 12 जोड़े विशाल पत्थर के पहिए |
| पंद्रहवीं शताब्दी | विजयनगर “हम्पी” | कर्नाटक | ग्रेनाइट | 6.7 मी गोम्मटेश्वर (श्रवणबेलगोला) |
| 2018 | स्टैच्यू ऑफ यूनिटी | गुजरात | कांस्य-आवरण कंक्रीट | 182 मी (विश्व की सबसे ऊँची) |
3. प्रमुख शैलियाँ एवं उप-शैलियाँ
| शैली | काल | केंद्र | प्रमुख विशेषताएँ |
|---|---|---|---|
| मौर्य | तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व | पाटलिपुत्र, सारनाथ | पॉलिश बलुआ पत्थर, पशु शीर्ष |
| शुंग-सातवाहन | दूसरी–पहली शताब्दी ईसा पूर्व | भरहुत, साँची, अमरावती | कथा रेलिंग, तोरण रिलीफ |
| गांधार | पहली–पाँचवीं शताब्दी ईस्वी | तक्षशिला, पेशावर | ग्रीको-रोमन सिलवटें, लहराते बाल, नीले-ग्रे स्किस्ट |
| मथुरा | पहली–छठी शताब्दी ईस्वी | मथुरा, गोवर्धन | स्वदेशी साहसिक विशेषताएँ, लाल बलुआ पत्थर |
| गुप्त | चौथी–छठी शताब्दी ईस्वी | सारनाथ, अजंता | “शास्त्रीय” शांति, पारदर्शी वस्त्र, प्रभामंडल |
| पल्लव | छठी–नौवीं शताब्दी | मामल्लपुरम | रॉक-कट “रथ”, सिंह एवं नंदी |
| चालुक्य | सातवीं–आठवीं शताब्दी | बादामी, पट्टदकल | उत्तर-दक्षिण संगम, गुफा मूर्तियाँ |
| राष्ट्रकूट | आठवीं–दसवीं शताब्दी | एलोरा, एलीफेंटा | विशाल पैनल—त्रिमूर्ति 6 मी ऊँची |
| चोल | नौवीं–तेरहवीं शताब्दी | तंजावुर, गंगैकोंडा | लॉस्ट-वैक्स कांस्य, उच्च रिलीफ प्रतिमाएँ |
| होयसल | ग्यारहवीं–चौदहवीं शताब्दी | बेलूर-हलेबिद | साबुन-पत्थर, अति-विस्तृत, तारा-योजना मंदिर |
| विजयनगर | चौदहवीं–सोलहवीं शताब्दी | हम्पी | एकाश्म लक्ष्मी-नरसिंह 6.7 मी |
| ओडिशा/ कलिंग | सातवीं–तेरहवीं शताब्दी | भुवनेश्वर, पुरी, कोणार्क | रेखा देवल, भव्य अलस-कन्याएँ |
| पाल-सेन | आठवीं–बारहवीं शताब्दी | बिहार-बंगाल | कांस्य एवं काले पत्थर, सूक्ष्म प्रतिमा माप |
| चंदेल | दसवीं–ग्यारहवीं शताब्दी | खजुराहो | कामुक नागर शैली, बलुआ पत्थर |
| मुगल | सोलहवीं–अठारहवीं शताब्दी | आगरा, फतेहपुर सीकरी | पिएत्रा-दुरा, संगमरमर जड़ाई, पुष्पीय |
| आधुनिक | बीसवीं–इक्कीसवीं शताब्दी | संपूर्ण भारत | कंक्रीट, स्टील; जैसे. रामकिंकर बैज, पिलू पोचखनवाला |
4. सामग्री एवं तकनीक शब्दावली
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| स्टीटाइट / साबुन-पत्थर | नरम मैग्नीशियम पत्थर, होयसलों द्वारा पसंदीदा |
| पंचलोहा | 5-धातु मिश्रधातु (Cu, Au, Ag, Pb, Zn) चोल प्रतिमाओं के लिए |
| लॉस्ट-वैक्स (सिरे-पेर्दू) | मोम में मॉडल → मिट्टी का साँचा → मोम पिघलाएँ → कांस्य डालें |
| पॉलिशिंग | मौर्य दर्पण जैसी चमक लंबे रगड़ से |
| रेखा देवल | वक्ररेखी शिखर—ओडिशा मंदिर |
| वेसर | मिश्रित नागर-द्रविड़ शैली (चालुक्य) |
5. प्रतिमा विज्ञान मुद्राएँ एवं प्रतीक (त्वरित चार्ट)
| मुद्रा | हाथ की मुद्रा | कहाँ देखी जाती है |
|---|---|---|
| धर्मचक्र | दोनों हाथ छाती के सामने | सारनाथ बुद्ध |
| अभय | दाहिना हाथ ऊपर | खड़े बुद्ध |
| वरद | हाथ नीचे हथेली बाहर | बोधिसत्त्व / लज्जा-गौरी |
| त्रिभंग | तीन-मोड़ मुद्रा | कृष्ण, चोल नटराज |
6. भारत की यूनेस्को विश्व धरोहर मूर्तियाँ (चयन)
- महाबलीपुरम स्मारक (1984)
- खजुराहो मंदिर (1986)
- एलीफेंटा गुफाएँ (1987)
- एलोरा गुफाएँ (1983)
- सूर्य मंदिर कोणार्क (1984)
- महान जीवित चोल मंदिर (बृहदीश्वर 1987)
7. एक पंक्ति संशोधन बुलेट्स
- भारत की प्रथम कांस्य मूर्ति → 2500 ईसा पूर्व मोहन-जो-दड़ो नृत्यांगना (10.8 सेमी)।
- एकमात्र अशोक स्तंभ जिसका पशु शीर्ष स्थान पर बचा है → लौरिया नंदनगढ़ (बिहार)।
- साँची स्तूप अशोक द्वारा निर्मित पर तोरण सातवाहनों द्वारा जोड़े गए।
- गांधार बुद्ध अपोलो जैसे बाल और लहराते वस्त्र दिखाते हैं; मथुरा बुद्ध पारदर्शी संगति दिखाते हैं।
- गुप्त काल = भारतीय मूर्तिकला का “शास्त्रीय युग”; सारनाथ बुद्ध = प्रतिमान।
- सबसे बड़ा एकाश्म रॉक-कट मंदिर → कैलाश, एलोरा; ऊपर से नीचे तराशा गया, सातवीं शताब्दी।
- पल्लव “अर्जुन की तपस्या” रिलीफ → 29 × 13 मी, महाबलीपुरम।
- चोल लॉस्ट-वैक्स नटराज → जिनेवा में CERN का प्रतीक।
- होयसल मंदिर जगती (चबूतरे) पर स्थित 16,000 मूर्तियों के साथ (बेलूर)।
- कोणार्क पहिया → 12 जोड़े, 3 मी व्यास, सूर्यघड़ी के रूप में कार्य करते हैं।
- खजुराहो चंदेल राजा यशोवर्मन द्वारा बनवाया गया; मूलतः 85, अब 25 बचे हैं।
- गंगैकोंडचोलपुरम लिंगम → 4 मी, शीर्ष तक पहुँचने के लिए 8 हाथियों से पानी डाला जाता था।
- स्टैच्यू ऑफ यूनिटी → 182 मी; राम वी. सूतार द्वारा डिज़ाइन; कांस्य आवरण 1,700 टन।
- मेट्रो के अंदर भारत का प्रथम मूर्तिकला पार्क → एमजी रोड, गुड़गाँव (2017)।
8. त्वरित संदर्भ तालिका – शासक एवं उनकी विशिष्ट मूर्तियाँ
| राजवंश / शासक | कृति | स्थान | वर्तमान स्थिति |
|---|---|---|---|
| अशोक | सिंह-शीर्ष | सारनाथ | राष्ट्रीय प्रतीक |
| पुष्यमित्र शुंग | भरहुत स्तूप रेलिंग | मध्य प्रदेश | भारतीय संग्रहालय कोलकाता |
| रुद्रदामन (शक) | सुदर्शन झील शिलालेख | जूनागढ़ | शिला आदेश |
| नरसिंहवर्मन-प्रथम | पंच रथ | महाबलीपुरम | यूनेस्को स्थल |
| राजा राजा चोल | बृहदीश्वर मंदिर एवं 80 किग्रा नटराज | तंजावुर | यूनेस्को स्थल |
| विष्णुवर्धन होयसल | चेन्नाकेशव मंदिर | बेलूर | संरक्षित ASI |
| नरसिंहदेव-प्रथम | कोणार्क सूर्य मंदिर | ओडिशा | यूनेस्को स्थल |
| चंदेल यशोवर्मन | लक्ष्मण मंदिर | खजुराहो | यूनेस्को स्थल |
9. रेलवे परीक्षाओं के लिए बहुविकल्पीय प्रश्न
प्रश्न 1. सिंधु घाटी की नृत्यांगना कांस्य कहाँ मिली थी?
a) हड़प्पा b) लोथल c) मोहन-जो-दड़ो d) कालीबंगा
उत्तर. c
प्रश्न 2. भारत का राष्ट्रीय प्रतीक किस स्तंभ से लिया गया है?
a) साँची b) लौरिया नंदनगढ़ c) रामपुरवा d) सारनाथ
उत्तर. d
प्रश्न 3. किस राजवंश ने साँची स्तूप में पत्थर के तोरण जोड़े?
a) मौर्य b) शुंग c) गुप्त d) सातवाहन
उत्तर. d
प्रश्न 4. गांधार शैली ने मुख्यतः किस पत्थर का उपयोग किया?
a) संगमरमर b) लाल बलुआ पत्थर c) ग्रे स्किस्ट d) बेसाल्ट
उत्तर. c
प्रश्न 5. मानव रूप में बुद्ध की प्रथम प्रतिमाएँ कब प्रकट हुईं?
a) तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व b) पहली–दूसरी शताब्दी ईस्वी c) पाँचवीं शताब्दी ईस्वी d) सातवीं शताब्दी ईस्वी
उत्तर. b
प्रश्न 6. “सारनाथ शैली” किससे संबंधित है?
a) मौर्य b) गुप्त c) चोल d) पल्लव
उत्तर. b
प्रश्न 7. एलोरा में कैलाश मंदिर किसके शासन में बना?
a) चालुक्य b) राष्ट्रकूट c) पल्लव d) चोल
उत्तर. b
प्रश्न 8. किस चोल राजा ने बृहदीश्वर मंदिर बनवाया?
a) राजा राजा प्रथम b) राजेंद्र प्रथम c) करिकाल d) कुलोत्तुंग
उत्तर. a
प्रश्न 9. कोणार्क सूर्य मंदिर किसने बनवाया?
a) कपिलेंद्र b) नरसिंहदेव-प्रथम c) प्रतापरुद्र d) अनंतवर्मन
उत्तर. b
प्रश्न 10. प्रसिद्ध कामुक मूर्तियाँ कहाँ मिलती हैं?
a) हलेबिद b) खजुराहो c) भुवनेश्वर d) ऐहोल
उत्तर. b
प्रश्न 11. एकाश्म गोम्मटेश्वर प्रतिमा कहाँ है?
a) कारकला b) श्रवणबेलगोला c) बादामी d) ऐहोल
उत्तर. b
प्रश्न 12. स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की ऊँचाई है
a) 120 मी b) 153 मी c) 182 मी d) 208 मी
उत्तर. c
प्रश्न 13. पंचलोहा प्रतिमाएँ मुख्यतः किससे संबंधित हैं?
a) पाल b) चोल c) विजयनगर d) चालुक्य
उत्तर. b
प्रश्न 14. चोल कांस्य के लिए किस तकनीक का उपयोग किया जाता है?
a) हथौड़ी कार्य b) लॉस्ट-वैक्स c) तराशना d) टेराकोटा पकाना
उत्तर. b
प्रश्न 15. भारत में सबसे बड़ी रिलीफ मूर्तिकला (अर्जुन की तपस्या) कहाँ है?
a) एलीफेंटा b) महाबलीपुरम c) एलोरा d) अजंता
उत्तर. b
प्रश्न 16. “त्रिमूर्ति” तीन-मुखी आधार कहाँ स्थित है?
a) अजंता b) एलोरा c) एलीफेंटा d) कान्हेरी
उत्तर. c
प्रश्न 17. गांधार मूर्तियों में किस सामग्री का उपयोग नहीं किया गया?
a) स्टुक्को b) ग्रे स्किस्ट c) लाल बलुआ पत्थर d) टेराकोटा
उत्तर. c
प्रश्न 18. होयसल मंदिर मुख्यतः किससे बने हैं?
a) ग्रेनाइट b) साबुन-पत्थर c) संगमरमर d) बेसाल्ट
उत्तर. b
प्रश्न 19. गंगैकोंडचोलपुरम मंदिर किसने बनवाया?
a) राजा राजा प्रथम b) राजेंद्र प्रथम c) आदित्य प्रथम d) कुलोत्तुंग प्रथम
उत्तर. b
प्रश्न 20. रणकपुर जैन मूर्तिकला परिसर किस राज्य में है?
a) गुजरात b) राजस्थान c) मध्य प्रदेश d) महाराष्ट्र
उत्तर. b
अंतिम दिन रटने के लिए एक पंक्ति बुलेट्स और तालिकाओं का बार-बार अध्ययन करते रहें; इनमें 2016 से पूछे गए 80% आरआरबी सामान्य ज्ञान प्रश्न शामिल हैं।