भारतातील लोकनृत्ये
१. सिंहावलोकन
- लोकनृत्य हे एखाद्या प्रदेशाच्या सामाजिक, आर्थिक आणि ऋतुमान जीवनाची अभिव्यक्ती आहे; ते अशास्त्रीय, मौखिक परंपरेने प्रसारित आणि समुदायाधारित असते.
- पहिला लोकनृत्य सर्वेक्षण: १९४६-५५ दरम्यान संगीत नाटक अकादमी द्वारे – १,८००+ प्रकार नोंदवले.
- युनेस्को अमूर्त वारसा (भारत): २ लोकनृत्य प्रकार नोंदवले –
१. गुजरातची गरबा (२०२३ मध्ये नोंद)
२. ओडिशा-झारखंड-बंगालची छाऊ (२०१० मध्ये नोंद).
२. राज्यानुसार प्रमुख लोकनृत्ये (तथ्य आणि आकडेवारीसह)
| राज्य/केंद्रशासित प्रदेश | लोकनृत्य | मुख्य वैशिष्ट्ये | प्रसंग | वाद्ये |
|---|---|---|---|---|
| आंध्र प्रदेश | कुचिपुडी (शास्त्रीय-लोक संमिश्र), कोलाटम | १२०+ तुकड्या; २०२२ राज्य बजेट लोक तुकड्यांसाठी ₹२५ कोटी | उगादी, संक्रांत | ताल, ड्रम |
| अरुणाचल प्रदेश | अजी ल्हामू | ५-दिवसीय नाटक, ७ पात्रे, तिबेटी मूळ | लोसार | डमियन, बासरी |
| आसाम | बिहू | यूट्यूबवरील तिसऱ्या क्रमांकाचे सर्वाधिक पाहिलेले भारतीय लोक व्हिडिओ (१.२ अब्ज दृश्ये, २०२३) | रोंगाली बिहू | ढोल, पेपा, गोगोना |
| बिहार | जट-जतिन | प्रेमकथेवर आधारित; २०० वर्षे जुनी लिपी | शरद पौर्णिमा | ढोलक, हार्मोनियम |
| छत्तीसगड | पंथी, राऊत नाचा | पंथी सतनामी गुरू घासीदास यांनी १८२० मध्ये सुरू केले | माघी पौर्णिमा | मंदार, झांझ |
| गोवा | ढालो, फुगडी | ढालो फक्त महिलांसाठी, १२-रात्रीची विधी | पौष महिना | घुमोट, कासळे |
| गुजरात | गरबा, डांडिया | २०२३ गिनीज रेकॉर्ड: ५५,३५१ महिलांनी वडोदरा येथे गरबा केला | नवरात्र | ढोल, नगाडा |
| हरियाणा | फाग, खोरिया | फाग होलीशी संबंधित; हरियाणा जन कला ट्रस्टद्वारे १८० गाणी दस्तावेजित | होली | बीन, ढोलक |
| हिमाचल प्रदेश | नाटी | २०१५ गिनीज रेकॉर्ड: १,७६४ नर्तक (८ मिनिटे) | कुल्लू दसरा | नरसिंगा, खंजरी |
| झारखंड | पाइका | युद्धनृत्य; २०० पाइका अखाडे अजूनही सक्रिय | मकर संक्रांती | नगाडा, शहनाई |
| कर्नाटक | यक्षगान | ३००+ सक्रिय तुकड्या, ₹४० कोटी वार्षिक उलाढाल | डिसें-मे | चंदे, मद्दले |
| केरळ | तेय्यम | ४००+ तेय्यम देवता; हंगाम नोव्हें-मे | कळियाट्टम | चेंडा, वीकणी |
| मध्य प्रदेश | मटकी, जवारा | मटकी महिलांद्वारे एकल, ५-७ मातीच्या भांड्यांचा संतुलन साधत | तीज, लग्न | ढोलक, हार्मोनियम |
| महाराष्ट्र | लावणी | पुणे येथे रेकॉर्ड १,७९६ कलाकार (२०१२) | होली, गणेशोत्सव | ढोलकी, तुंतुने |
| मणिपूर | थांग-ता | युद्धकला; १९८७ मध्ये इंटॅकद्वारे मान्यता | लाई हराओबा | पुंग, बासरी |
| मेघालय | वांगला | १९७६ पासून १००-ड्रम उत्सव | नोव्हें (कापणीनंतर) | डमा, गोंग |
| मिझोराम | चेराव | ४–८ बांबूच्या काठ्या; २०१० आइजॉल रेकॉर्ड: १०,७३६ नर्तक | चापचार कूट | खुआंग, दार |
| नागालँड | बांबू नृत्य (चेराव सारखे) | हॉर्नबिल उत्सव २०२३ मध्ये ४,००० नर्तक | हॉर्नबिल (१-१० डिसें) | लॉग ड्रम, बासरी |
| ओडिशा | घुमुरा, छाऊ | २,००० वर्षे जुने युद्धनृत्य; कोणार्क पॅनेलवर चित्रित | दसरा | ढोल, महुरी |
| पंजाब | भांगडा, गिद्दा | २०२० लंडनमध्ये ३,५०० भांगडा नर्तक – यूके रेकॉर्ड | बैसाखी | ढोल, तुंबी |
| राजस्थान | कालबेलिया, घूमर | कालबेलिया युनेस्को नोंद २०१०; घूमर पद्मावत चित्रपटात | तीज, दिवाळी | पुंगी, ढोलक |
| सिक्कीम | मारुनी | नेपाळी मूळ; ३-दिवसीय गाथा | तिहार | मदल, बिनायो |
| तमिळनाडू | करागट्टम, मयिलाट्टम | करागट्टमचे भांडे १०-१५ किलो वजनाचे | मरियम्मन उत्सव | नादस्वरम, तविल |
| तेलंगणा | पेरिणी शिवतांडवम | ७०० वर्षे जुने योद्धा नृत्य १९७५ मध्ये पुनरुज्जीवित | महा शिवरात्रि | रामुडू, कोम्मू |
| त्रिपुरा | होजागिरी | महिला बाटली आणि दिवा संतुलित ठेवतात; २०१३ राज्य लोगो | लक्ष्मी पूजा | खम, सुमुई |
| उत्तर प्रदेश | रासलीला, चरकुला | चरकुला डोक्यावर १०८ दिवे; ब्रज प्रदेश | जन्माष्टमी | पखावज, बासरी |
| उत्तराखंड | लांगवीर नृत्य | पुरुष-मात्र खांबावर करतमीर; २०१८ राज्य युवा महोत्सव | होली | ढोल, दमाऊ |
| पश्चिम बंगाल | छाऊ, झुमुर | पुरुलिया छाऊ मुखवटे २५ देशांना निर्यात | चैत्र पर्वा | धमसा, मदल |
३. द्रुत संदर्भ सारणी – युद्धकला आणि ऋतुमान नृत्ये
| नृत्य | युद्धकला (Y) / ऋतुमान (O) | उत्पत्तीचे वर्ष | अनोखे तथ्य |
|---|---|---|---|
| पाइका | Y | १६वे शतक | तलवार आणि ढाल ड्रिल |
| थांग-ता | Y | १७वे शतक | तलवार-भाला संयोजन |
| कालबेलिया | O | भटक्या | सापपकड्यांची नक्कल |
| बिहू | O | १६९४ (अहोम राजा रुद्र सिंह) | तरुण जीवनसाथी निवडतात |
| गरबा | O | १४वे शतक | शक्तीची दीपपूजा |
४. एकओळी पुनरावलोकन बुलेट्स
- गरबा – २०२३ युनेस्को; ५५,३५१ नर्तक गिनीज वडोदरा.
- नाटी – ८-मिनिट, १,७६४ नर्तक, कुल्लू २०१५ जागतिक विक्रम.
- भांगडा – ३,५०० नर्तक लंडन २०२०; कापणी नृत्य म्हणून सुरुवात.
- कालबेलिया – राजस्थानची सापपकड्यांची समाज; युनेस्को २०१०.
- छाऊ – तीन शैली: पुरुलिया (बंगाल), सेराइकेला (झारखंड), मयूरभंज (ओडिशा).
- यक्षगान – कर्नाटकाचे “जिवंत रंगभूमी”; हंगाम १५ डिसेंबर नंतर सुरू.
- तेय्यम – ४००+ देवता; कलाकार अनुसूचित जातीचे असतात.
- चेराव – मिझोरामचे बांबू नृत्य; १०,७३६ नर्तक आइजॉल विक्रम.
- लावणी – महाराष्ट्र; पेशवे संरक्षणामुळे प्रसिद्धी.
- रासलीला – कृष्णाचे जीवन चित्रित; संगीत नाटक अकादमी १९६३ मान्यता.
५. रेल्वे परीक्षांसाठी १५+ बहुपर्यायी प्रश्न
१. २०२३ मध्ये युनेस्को यादीत कोणते नृत्य नोंदवले गेले?
उत्तर: गरबा (गुजरात)२. १००-ड्रम वांगला उत्सव कोणत्या राज्याचा आहे?
उत्तर: मेघालय३. “थांग-ता” युद्धकला नृत्य कोणत्या राज्याशी संबंधित?
उत्तर: मणिपूर४. एकाच वेळी १,७६४ नर्तकांचा गिनीज विक्रम कोणत्या नृत्याने केला?
उत्तर: नाटी (हिमाचल प्रदेश)५. कालबेलिया नृत्य कोणत्या समाजाशी संबंधित?
उत्तर: राजस्थानच्या कालबेलिया (सापपकड्यांची) समाज६. “पेरिणी शिवतांडवम” १९७५ मध्ये कोणी पुनरुज्जीवित केले?
उत्तर: नटराज रामकृष्ण (तेलंगणा)७. कोणत्या राज्याच्या लोकनृत्यात डोक्यावर १०८ दिवे संतुलित केले जातात?
उत्तर: उत्तर प्रदेश (चरकुला)८. “पंथी” नृत्य कोणत्या गुरूंनी सुरू केले?
उत्तर: गुरू घासीदास (छत्तीसगड)९. चेराव नृत्यात कोणती साधने वापरतात?
उत्तर: बांबूच्या काठ्या१०. कोणते नृत्य प्रकार पुरुलिया मुखवटे म्हणून जागतिक स्तरावर निर्यात केले जाते?
उत्तर: छाऊ (पश्चिम बंगाल)११. “होजागिरी” हे कोणत्या आदिवासी समूहाचे नृत्य आहे?
उत्तर: रेआंग आदिवासी (त्रिपुरा)१२. गोव्यात १२ सलग रात्री फक्त महिलांद्वारे कोणते नृत्य केले जाते?
उत्तर: ढालो१३. “करागट्टम” भांड्याचे वजन सुमारे किती असते?
उत्तर: १०–१५ किलो१४. “लांगवीर नृत्य” कोणत्या साधनावर केले जाते?
उत्तर: उभ्या खांबावर (उत्तराखंड)१५. बिहू नृत्य व्हिडिओने २०२३ मध्ये यूट्यूबवर किती दृश्ये गाठली?
उत्तर: १.२ अब्ज१६. कर्नाटकात १५ डिसेंबर नंतर कोणत्या नृत्याचा हंगाम सुरू होतो?
उत्तर: यक्षगान१७. “पाइका” नृत्य कोणत्या उत्सवाशी संबंधित आहे?
उत्तर: मकर संक्रांती (झारखंड)शेवटचे अद्यतन: जून २०२४