भारतातील शास्त्रीय नृत्यप्रकार
भारतातील शास्त्रीय नृत्यप्रकार | रेल्वे परीक्षा सामान्य ज्ञान
भारत सरकार संगीत नाटक अकादमी (१९५२) अंतर्गत ८ शास्त्रीय नृत्यप्रकार मान्यता देत आहे. प्रश्न प्रामुख्याने तथ्यात्मक असतात — उगम राज्य, पोशाख, संगीत शैली, ग्रंथ/लेखक, युनेस्को टॅग, पुरस्कार विजेते, उत्सव स्थळे इ.
१. मुख्य तथ्ये आणि आकडे
| नृत्यप्रकार | राज्य | उगम ग्रंथ / वर्ष | संगीत पद्धत | पोशाख वैशिष्ट्य | युनेस्को अमूर्त सांस्कृतिक वारसा (वर्ष) |
|---|---|---|---|---|---|
| भरतनाट्यम | तमिळनाडू | नाट्यशास्त्र (२०० ई.पू.-२०० इ.स.) | कर्नाटकी | पायजामा शैली / अर्धी साडी | २००८ (छाऊसह) |
| कथक | उत्तर प्रदेश | ब्रज आणि अवध दरबार (१५-१९ शतके) | हिंदुस्तानी | अंगरखा, घुंगरू (२००+) | – |
| कथकली | केरळ | कोट्टारक्करा तंपुरण यांचे “रामनाट्टम” (१६५७-५८) | सोपानम | प्रचंड डोक्यावरील सजावट (किरीटम), हिरवा मेकअप | २०१० |
| ओडिसी | ओडिशा | नाट्यशास्त्र + महारी मंदिर नृत्य | ओडिसी संगीत | ‘त्रिभंगा’ मुद्रेत गुंडाळलेली साडी | २०१० |
| कुचिपुडी | आंध्र प्रदेश | सिद्धेंद्र योगी (१४ वे शतक) | कर्नाटकी | पुरुष: धोती, स्त्री: कंचुकी आणि लंगा | – |
| मणिपुरी | मणिपूर | लाई हराओबा उत्सव (१५ व्या शतकापूर्वी) | पुंग आणि करताल (झांजा नाही) | कुमिन – नळीसारखा स्कर्ट | – |
| मोहिनीअट्टम | केरळ | १६-१७ वे शतक (स्वाती तिरुनाळ संरक्षण) | कर्नाटकी / सोपानम | पांढरी आणि सोन्याची कसावू साडी | – |
| सत्रीया | आसाम | श्रीमंत शंकरदेव (१५ वे शतक) | बोरगीत (एक-शरण) | पांढरी धोती, गमोसा | २००० |
२. महत्त्वाच्या तारखा आणि वाटचालीचे टप्पे
- १९५२ – संगीत नाटक अकादमी (एसएनए) स्थापना; पहिले पुरस्कार १९५४ मध्ये दिले
- १९५३ – एसएनएने भरतनाट्यम, कथक, कथकली यांना अधिकृतपणे “शास्त्रीय” म्हणून सूचीबद्ध केले
- १९५८ – कविचंद्र कालीचरण पटनाईक यांच्या संशोधनानंतर ओडिसी जोडले गेले
- १९६१ – मणिपुरी आणि कुचिपुडी जोडले गेले
- १९७० – मोहिनीअट्टम समाविष्ट केले गेले
- २००० – सत्रीया हा ८वा शास्त्रीय नृत्यप्रकार बनला (एसएनए ठराव १५ नोव्हेंबर २००० द्वारे)
- २००८ – युनेस्कोने “छाऊ आणि भरतनाट्यम” (संयुक्त नामांकन) टॅग दिले
- २०१० – युनेस्कोने कुटियाट्टम, कथकली, रम्मन, मुदियेट्टू, वैदिक गायन, कालबेलिया, छाऊ, लडाखचे बौद्ध गायन जोडले
- २०२१ – मांडू उत्सव (मध्य प्रदेश) येथे सर्वात मोठे कथक संमेलन (१,२७० नर्तक) आयोजित केले गेले – आशिया बुक ऑफ रेकॉर्ड्समध्ये नोंद
३. पुरस्कार आणि सन्मान (रेल्वेचे आवडते)
| पुरस्कार | क्षेत्र | पहिला प्राप्तकर्ता (नृत्य) | अलीकडील २०२३ |
|---|---|---|---|
| संगीत नाटक अकादमी | एकूण कलाप्रकार | बालासरस्वती (भरतनाट्यम) १९५४ | बॉम्बे जयश्री (कर्नाटकी गायन) |
| पद्मविभूषण | शास्त्रीय नृत्य | रुक्मिणी देवी अरुंडेल (१९५६) | सोनल मानसिंह (२००३) |
| पद्मभूषण | – | यामिनी कृष्णमूर्ती (२००१) | जतिन गोस्वामी (सत्रीया) २०२३ |
| पद्मश्री | – | मृणालिनी साराभाई (१९६५) | गीता महालिक (ओडिसी) २०२२ |
तिन्ही पद्म पुरस्कार मिळवणारी पहिली नर्तकी: यामिनी कृष्णमूर्ती (भरतनाट्यम आणि कुचिपुडी)
४. पुनरावलोकनासाठी द्रुत-संदर्भ सारणी
| नृत्य | मुद्रा/भाव ग्रंथ | प्रसिद्ध प्रतिपादक (पुरुष) | प्रसिद्ध प्रतिपादक (स्त्री) | मुख्य उत्सव |
|---|---|---|---|---|
| भरतनाट्यम | अभिनय दर्पण | टी. बालासरस्वती | रुक्मिणी देवी अरुंडेल | मामल्लपुरम नृत्योत्सव (डिसेंबर) |
| कथक | नाट शास्त्र+ | बिरजू महाराज | सितारा देवी | कथक महोत्सव (दिल्ली) |
| कथकली | हस्त-लक्षण-दीपिका | कलामंडलम गोपी | कोट्टक्कल शिवरामन | आंतरराष्ट्रीय कथकली महोत्सव (केरळ) |
| ओडिसी | अभिनय चंद्रिका | केळुचरण महापात्रा | संजुक्ता पाणिग्रही | कोणार्क नृत्योत्सव (डिसेंबर) |
| कुचिपुडी | नाट्यशास्त्र | वेदांतम सत्यनारायण | यामिनी कृष्णमूर्ती | कुचिपुडी उत्सव (आं.प्र.) |
| मणिपुरी | गोविंद लीलामृत | गुरू बिपिन सिंग | दर्शना झवेरी | लाई हराओबा (मे-जून) |
| मोहिनीअट्टम | हस्त-लक्षण-दीपिका | गुरू गोपीनाथ | भारती शिवाजी | निशागंधी उत्सव (केरळ) |
| सत्रीया | श्रीमंत शंकरदेव यांचे अंकिया-नाट | जतिन गोस्वामी | शारोदी सैकिया | सत्रीया उत्सव (माजुली) |
५. एक-ओळीत पुनरावलोकन तथ्ये
- नाट्यशास्त्र: ३७ अध्याय, ६,००० श्लोक, लेखक भरत मुनी
- रुक्मिणी देवी अरुंडेल यांनी कलाक्षेत्र (१९३६, चेन्नई) स्थापन केले
- कथक हा शब्द ‘कथा’ पासून व्युत्पन्न – कथाकार म्हणून ओळखले जाणारे कथाकथन करणारे
- कथकली = कथा + कळी (कथानाट्य); हिरवे चेहरे = पच्चा पात्र
- ओडिसी चे १९४९ नंतर पुनरुज्जीवन जयंतीका संघटनेने केले
- मोहिनीअट्टम शब्दशः = “मोहिनीचे नृत्य”
- मणिपुरी नृत्यात कधीही घुंगरू वापरले जात नाही (निसर्गाचा आदर)
- सत्रीया नृत्य २० व्या शतकापर्यंत वैष्णव मठांमध्ये (सत्र) मर्यादित होते
- छाऊ हा एसएनए सूचीनुसार शास्त्रीय नाही; युनेस्को २००८ टॅग (सरायकेला, पुरुलिया, मयूरभंज शैली)
- कालबेलिया (राजस्थान) हे लोकनृत्य आहे, तरीही युनेस्को २०१०
६. मागील वर्षांचे बहुपर्यायी प्रश्न (१५+) उत्तरांसह
प्रश्न १. भारतातील सर्वात प्राचीन शास्त्रीय नृत्यप्रकार खालीलपैकी कोणता आहे?
अ. कथक आ. भरतनाट्यम इ. ओडिसी ई. कुचिपुडी
उत्तर: आ
प्रश्न २. जगन्नाथ, पुरी येथील मंदिराशी संबंधित नृत्यप्रकार
अ. कथकली आ. ओडिसी इ. मोहिनीअट्टम ई. सत्रीया
उत्तर: आ
प्रश्न ३. शास्त्रीय नृत्याशी संबंधित कलाक्षेत्र अकादमी कोठे स्थित आहे?
अ. मुंबई आ. चेन्नई इ. भुवनेश्वर ई. कोची
उत्तर: आ
प्रश्न ४. ओडिसी यांना शास्त्रीय यादीत समाविष्ट करण्यासाठी खालीलपैकी कोण जबाबदार आहे?
अ. रुक्मिणी देवी आ. कालीचरण पटनाईक इ. केळुचरण महापात्रा ई. संजुक्ता पाणिग्रही
उत्तर: आ
प्रश्न ५. ‘पुंग’ हे ढोल कोणत्या नृत्यात वापरले जाते?
अ. मणिपुरी आ. कथकली इ. कुचिपुडी ई. सत्रीया
उत्तर: अ
प्रश्न ६. ‘सत्रीया’ नृत्यप्रकाराला शास्त्रीय मान्यता मिळाली
अ. १९५२ आ. १९६१ इ. २००० ई. २०१०
उत्तर: इ
प्रश्न ७. ‘कुमिन’ हा पारंपारिक पोशाख कोणत्या नृत्याचा आहे?
अ. मोहिनीअट्टम आ. मणिपुरी इ. कथक ई. भरतनाट्यम
उत्तर: आ
प्रश्न ८. ‘अभिनय दर्पण’ हा मूलभूत ग्रंथ कोणत्या नृत्याचा आहे?
अ. कथक आ. भरतनाट्यम इ. ओडिसी ई. कुचिपुडी
उत्तर: आ
प्रश्न ९. कोणते नृत्य केवळ ‘लास्य’ या पैलूवर आधारित आहे?
अ. कथकली आ. मोहिनीअट्टम इ. कथक ई. सत्रीया
उत्तर: आ
प्रश्न १०. ‘घुंगरू’ हे कोणत्या नृत्याचे प्रमुख वैशिष्ट्य आहे?
अ. कथक आ. मणिपुरी इ. सत्रीया ई. कथकली
उत्तर: अ
प्रश्न ११. कथकली चा उगम सध्याच्या कोणत्या राज्यात झाला?
अ. कर्नाटक आ. केरळ इ. तमिळनाडू ई. आंध्र प्रदेश
उत्तर: आ
प्रश्न १२. जयंतीका संघटना कोणत्या नृत्याच्या पुनरुज्जीवनाशी संबंधित आहे?
अ. कुचिपुडी आ. ओडिसी इ. भरतनाट्यम ई. कथक
उत्तर: आ
प्रश्न १३. पद्मविभूषण मिळवणारी पहिली नर्तकी
अ. यामिनी कृष्णमूर्ती आ. रुक्मिणी देवी अरुंडेल इ. सोनल मानसिंह ई. मृणालिनी साराभाई
उत्तर: आ
प्रश्न १४. ‘त्रिभंगा’ मुद्रा कोणत्या नृत्याशी संबंधित आहे?
अ. कुचिपुडी आ. ओडिसी इ. कथकली ई. मणिपुरी
उत्तर: आ
प्रश्न १५. ‘अंकिया-नाट’ ही कोणाची निर्मिती आहे?
अ. वल्लथोल आ. शंकरदेव इ. गोपीनाथ ई. स्वाती तिरुनाळ
उत्तर: आ
प्रश्न १६. छाऊ नृत्याला युनेस्को टॅग मिळाला
अ. २००० आ. २००८ इ. २०१० ई. २०१४
उत्तर: आ
प्रश्न १७. ‘सोपानम’ संगीत शैली कोणत्या राज्याशी संबंधित आहे?
अ. तमिळनाडू आ. केरळ इ. ओडिशा ई. आसाम
उत्तर: आ
प्रश्न १८. संगीत नाटक अकादमीच्या शास्त्रीय यादीत कोणता नाही?
अ. कथक आ. छाऊ इ. ओडिसी ई. कुचिपुडी
उत्तर: आ
प्रश्न १९. ‘लाई हराओबा’ उत्सव कोणत्या नृत्याशी जोडला गेला आहे?
अ. सत्रीया आ. मणिपुरी इ. मोहिनीअट्टम ई. कथकली
उत्तर: आ
प्रश्न २०. ‘कसावू’ ही विशेष साडी कोणत्या नृत्याची आहे?
अ. भरतनाट्यम आ. मोहिनीअट्टम इ. कुचिपुडी ई. ओडिसी
उत्तर: आ
७. रेल्वे परीक्षांसाठी व्यावहारिक सूचना
- राज्य-पीएसयू जुळणी हे आवडते — स्तंभ जुळवा अशा प्रकारचे प्रश्न अपेक्षित.
- युनेस्को वर्षे (२०००, २००८, २०१०) वेळरेषा प्रश्नांमध्ये वारंवार विचारल्या जातात.
- पहिला / एकमेव प्रकारची तथ्ये (उदा., रुक्मिणी देवी – पद्मविभूषण मिळवणारी पहिली नर्तकी) उच्च उत्पादक आहेत.
- उत्सव-स्थळ (कोणार्क-डिसेंबर, मामल्लपुरम-डिसेंबर, खजुराहो-फेब्रुवारी) एनटीपीसी सीबीटी-१ मध्ये विचारले गेले.
- मणिपुरीत “घुंगरू नाही” आणि कथकलीत “हिरवा चेहरा” — वारंवार ट्रिकी पर्याय — लक्षात ठेवा.