महासागर और समुद्री जीवन
A.4] महासागर और समुद्री जीवन
1. विश्व के चार महासागर
| महासागर | क्षेत्रफल (किमी²) | औसत गहराई (मी) | लंबाई (किमी) | प्रमुख विशेषताएँ |
|---|---|---|---|---|
| प्रशांत महासागर | 165,250,000 | 4,000 | 16,000 | सबसे बड़ा और सबसे गहरा महासागर; मारियाना खाई को समाहित करता है |
| अटलांटिक महासागर | 41,100,000 | 3,646 | 10,000 | दूसरा सबसे बड़ा; भूमध्य सागर से जुड़ता है |
| हिंद महासागर | 28,400,000 | 3,741 | 18,000 | सबसे गर्म महासागर; एशिया, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया से घिरा हुआ |
| आर्कटिक महासागर | 14,056,000 | 1,205 | 5,500 | सबसे छोटा और सबसे उथला; अधिकांशतः जमा हुआ; उत्तरी अमेरिका और यूरेशिया से घिरा हुआ |
प्रमुख तथ्य:
- प्रशांत महासागर सबसे बड़ा और सबसे गहरा महासागर है, जिसका सबसे गहरा बिंदु मारियाना खाई (11,034 मी) है।
- अटलांटिक महासागर गल्फ स्ट्रीम जैसी प्रबल धाराओं के लिए जाना जाता है।
- हिंद महासागर सबसे गर्म है और उच्च वाष्पोत्सर्जन और कम वर्षा के कारण इसकी लवणता सबसे अधिक है।
- आर्कटिक महासागर सबसे छोटा और सबसे उथला है, जिसके लगभग 14% क्षेत्रफल पर समुद्री बर्फ फैली रहती है।
महत्वपूर्ण पद:
- हाइड्रोथर्मल वेंट: प्रशांत और अटलांटिक महासागरों में पाए जाते हैं, अद्वितीय पारिस्थितिक तंत्रों का समर्थन करते हैं।
- थर्मोहैलाइन परिसंचरण: महासागरीय धाराओं को संचालित करता है और जलवायु नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण है।
2. महाद्वीपीय शेल्फ
- परिभाषा: एक महाद्वीप का जलमग्र किनारा, जो तट से लेकर शेल्फ ब्रेक तक फैला होता है।
- गहराई: आमतौर पर 200 मीटर से कम।
- चौड़ाई: 50 से 1,000 किमी तक भिन्न होती है।
- महत्व: समुद्री जीवन और प्राकृतिक संसाधनों (तेल, गैस, मछली) से भरपूर।
- कानूनी स्थिति: संयुक्त राष्ट्र समुद्र कानून संधि (UNCLOS) के तहत, विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) तट से 200 समुद्री मील तक फैला होता है।
प्रमुख तथ्य:
- महाद्वीपीय शेल्फ मत्स्य पालन और संसाधन निष्कर्षण के लिए एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है।
- इसे इसके महाद्वीपीय शेल्फ ब्रेक के लिए भी जाना जाता है, जहाँ शेल्फ समाप्त होता है और ढलान शुरू होती है।
3. महाद्वीपीय ढलान
- परिभाषा: महाद्वीपीय शेल्फ से गहरे समुद्र तल तक का तीव्र ढलान।
- गहराई: 200 से 3,000 मीटर तक।
- ढलान: शेल्फ से तीव्र, आमतौर पर 2–5%।
- विशेषताएँ: पनडुब्बी घाटियों और पानी के नीचे भूस्खलन शामिल हैं।
- महत्व: तलछट परिवहन और समुद्री जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण।
प्रमुख तथ्य:
- महाद्वीपीय ढलान को अक्सर पनडुब्बी घाटियों द्वारा चिह्नित किया जाता है, जैसे कि अटलांटिक का ग्रैंड कैनियन।
- यह महाद्वीपीय शेल्फ और गहरे महासागर के बीच संक्रमण क्षेत्र के रूप में कार्य करता है।
4. गहरे समुद्र के मैदान और महासागरीय गहराई
4.1 गहरे समुद्र के मैदान
- परिभाषा: महाद्वीपीय ढलान से परे समुद्र तल के समतल, खुले क्षेत्र।
- गहराई: आमतौर पर 3,000–6,000 मीटर।
- विशेषताएँ: कम उन्नतियाँ, विरल जीवन और ठंडे तापमान।
- महत्व: तलछट जमाव और भूगर्भीय अध्ययनों के लिए महत्वपूर्ण।
4.2 महासागरीय गहराई (खंदकें)
- परिभाषा: समुद्र तल में गहरी, संकरी अवसादें।
- गहराई: 6,000 मीटर से अधिक।
- प्रमुख खंदकें:
- मारियाना खंदक (प्रशांत महासागर): 11,034 मी (सबसे गहरा बिंदु)
- जापान खंदक (प्रशांत महासागर): 10,542 मी
- कुरील-कमचटका खंदक (प्रशांत महासागर): 10,542 मी
- सुंडा खंदक (भारतीय महासागर): 7,258 मी
- पेरू-चिली खंदक (प्रशांत महासागर): 8,065 मी
प्रमुख तथ्य:
- खंदकें उन अध्रुवीकरण क्षेत्रों द्वारा बनती हैं जहाँ एक टेक्टोनिक प्लेट दूसरे के नीचे धकेल दी जाती है।
- मारियाना खंदक पृथ्वी के महासागरों का सबसे गहरा भाग है।
- हाइड्रोथर्मल वेंट अक्सर खंदकों के पास पाए जाते हैं और अनोटे पारिस्थितिक तंत्र का समर्थन करते हैं।
5. समुद्री वातावरणों में जैव विविधता
- परिभाषा: महासागरों में जीवन की विविधता, जिसमें वनस्पति, जीव और सूक्ष्म जीवन शामिल हैं।
- प्रमुख क्षेत्र:
- तटीय क्षेत्र: पोषक तत्वों से भरपूर जल के कारण उच्च जैव विविधता।
- शेल्फ समुद्र: बड़ी मछली आबादी और समुद्री स्तनधारियों को सहारा देते हैं।
- गहरा समुद्र: कम प्रकाश, उच्च दबाव और विशिष्ट प्रजातियाँ जैसे ऐंगलरफिश और विशालकाय स्क्विड।
- महत्वपूर्ण पारिस्थितिक तंत्र:
- प्रवाल भित्तियाँ: उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाई जाती हैं; समुद्री प्रजातियों का 25% समर्थन करती हैं।
- केल्प वन: समशीतोष्ण क्षेत्रों में पाए जाते हैं; कई प्रजातियों के लिए आवास प्रदान करते हैं।
- हाइड्रोथर्मल वेंट पारिस्थितिक तंत्र: रसायनिक संश्लेषण वाले जीवों को सहारा देते हैं, जैसे ट्यूब वर्म्स और चरमोफाइल।
प्रमुख तथ्य:
- प्रवाल भित्तियाँ पृथ्वी के सबसे जैव विविध पारिस्थितिक तंत्रों में से हैं।
- गहरे समुद्र के पारिस्थितिक तंत्र कम समझे जाते हैं लेकिन अनोखी और लचीली प्रजातियाँ रखते हैं।
- समुद्री जैव विविधता जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और अति मछली पकड़ने से खतरे में है।
महत्वपूर्ण शब्द:
- रसायनिक संश्लेषण: वह प्रक्रिया जिससे जीव रासायनिक अभिक्रियाओं से ऊर्जा उत्पन्न करते हैं, गहरे समुद्र के वेंट्स में सामान्य।
- चरमोफाइल: वे जीव जो चरम वातावरण में पनपते हैं, जैसे हाइड्रोथर्मल वेंट्स।
- जैव विविधता हॉटस्पॉट: वे क्षेत्र जहाँ प्रजातियों की उच्च समृद्धि और स्थानिकता हो, जैसे ग्रेट बैरियर रीफ।
SSC & RRB फोकस बिंदु:
- मारियाना ट्रेंच और इसकी गहराई।
- महाद्वीपीय शेल्फ और ढलान की परिभाषाएँ।
- प्रवाल भित्तियों और जैव विविधता का महत्व।
- हाइड्रोथर्मल वेंट्स और रसायनिक संश्लेषण जैसे प्रमुख शब्द।